कार्तिक पूर्णिमा पर बुधवार को श्रद्धालुओं ने गर्रा और खन्नौत नदियों में डुबकी लगाकर पुण्य कमाया। इस अवसर पर दोनों नदियों के किनारे मेले भी लगे, जिनमें महिलाओं और बच्चों ने जरूरत का सामान खरीदकर चाट-पकौड़ी का भी आनंद लिया। उधर, मुमुक्षु आश्रम में कार्तिक मेला परंपरागत ढंग से शुरू हो गया। श्री दैवीे संपद इंटर कॉलेज परिसर में मेेला लगाया गया है। इसी परिसर में वृंदावन के कलाकारों द्वारा रासलीला भी शुरू कर दी गई।
कार्तिक पूर्णिमा पर गर्रा और खन्नौत नदियों के तट पर सुबह तड़के से ही भीड़ जुटने लगी थी। श्रद्धालुओं ने नदियों में स्नान कर नौका विहार का भी आनंद लिया। बच्चों ने झूलों और खानपान की वस्तुओं का लुत्फ उठाया। गर्रा फाटक के आसपास मिट्टी के बर्तनों आदि की दुकानें सजी हुई हैं।
उधर, मुमुक्षु आश्रम में सप्ताह भर के लिए मेला लगा दिया गया। डीएस इंटर कॉलेज परिसर में खेल-खिलौनों, श्रंगार सामग्री, मिट्टी के बर्तन, चाट-पकौड़े आदि की तमाम दुकानें सजी हुई हैं, जिन पर पुरुषों समेत महिलाओं और बच्चों ने आनंद लिया और जमकर खरीददारी की। इस मेले का क्षेत्र ही नहीं, अपितु आसपास के ग्रामीणों को भी इंतजार रहता है।
आश्रम के मुख्य अधिष्ठाता स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती के मार्ग दर्शन में वृंदावन के ख्यातिलब्ध कलाकारों द्वारा शाम तीन बजे से रासलीला भी शुरू कर दी गई, जो नित्य शाम सात बजे तक होगी। मेला की व्यवस्था चंद्रभान त्रिपाठी के सुपुर्द की गई है। श्री त्रिपाठी ने नगरवासियों का आह्वान किया है कि वह मेला में आकर दुकानदारों का उत्साहवर्धन करें और तीन बजे से होने वाली रासलीला का भी आनंद लें। रासलीला और मेला के उद्घाटन अवसर पर प्राचार्य डा. अवनीश मिश्र, प्रबंधक संतोष पांडेय, एसपी डबराल, अशोक अग्रवाल, सुनील चौहान, डा. अमीर सिंह, महातम सिंह, अमित सिंह, डा. रामनिवास आदि मौजूद रहे।
बंडा। गोमती नदी के किनारे स्थित तमाम धार्मिक स्थलों पर मेले का आयोजन किया गया। क्षेत्र के मझरिया घाट, बाबा झोगननाथ, बाबा मंशाराम, बाबा एकोत्तरनाथ, सुनासीर नाथ घाट पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ पहुंचने लगी। श्रद्धालुओं ने गोमती नदी में स्नान कर सुनासिरनाथ स्थान पर जलमग्न भगवान शिव, पार्वती और गणेश की पूजा अर्चना कर मनौतियां मांगी। इस दौरान घाटों पर लगे मेले में बच्चों और महिलाओं ने जमकर खरीददारी की।