पुराने जिला अस्पताल में विकलांग प्रमाण पत्र बनाने में धांधली बरते जाने और वहां के स्टाफ द्वारा अभद्रता किए जाने पर विकलांग भड़क उठे। उन्होंने ओम विकलांग कल्याण सेवा समिति के अध्यक्ष कमल किशोर के नेतृत्व में कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर धरना दिया।
धरना-प्रदर्शन के बाद समिति की ओर से प्रभारी सिटी मजिस्ट्रेट एपी श्रीवास्तव को ज्ञापन देकर बताया कि विकलांगता के आधार पर प्रमाण पत्र और रेलवे पास बनवाने को पुराने जिला अस्पताल जाने पर कर्मचारी ने लाइन लगवाई। इस बीच, बाद में आए कुछ लोगों से सुविधा शुल्क लेकर कर्मचारी ने उनके प्रमाण पत्र पहले बना दिए। विरोध करने पर कर्मचारी और वहां मौजूद एक डॉक्टर अभद्रता पर आमादा हो गए।
ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि इस मामले में न्यायसंगत कार्रवाई नहीं होने पर समिति से जुड़े विकलांग आमरण अनशन को बाध्य हो जाएंगे। धरना-प्रदर्शन में सुधीर कुमार, मुनेश चंद्र, भगवान दास, देवेंद्र यादव, रामस्वरूप, रामकुमार, कमलेश कुमार, कल्लू दीक्षित, राजेंद्र शर्मा, रोशन लाल, जितेंद्र कुमार, उर्मिला देवी, नीतू, अनिता, सत्यपाल आदि शामिल रहे।
नियमानुसार जारी करें विकलांगता प्रमाण पत्र
शाहजहांपुर। मूक-बधिर श्रेणी के विकलांग अमन सक्सेना और उनके साथियों ने शुक्रवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी को ज्ञापन देकर विकलांगता प्रमाण नियमानुसार जारी कराए जाने की गुहार की।
ज्ञापन में कहा गया है कि जिले में विकलांगता जांचने के लिए कोई मशीन नहीं है। इस कारण डॉक्टर अपने अंदाज से विकलांगता 90 प्रतिशत लिख देते हैं जो कि रेलवे में मान्य नहीं है। शत-प्रतिशत विकलांग लोगों को मशीन से जांच करके 100 प्रतिशत विकलांगता के प्रमाण पत्र जारी कराए जाएं। सीएमओ से भेंट करने वालों में सलमान, विजय सिंह, अनीस, गोपाल आदि शामिल हैं।