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कलान के स्कूल में पढ़ाता मिला प्राइवेट शिक्षक

Sat, 02 Jan 2016 08:51 PM IST
शाहजहांपुर।
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जिले में बेसिक शिक्षा की दयनीय स्थिति में सुधार लाने के लिए बीएसए राकेश कुमार ने शनिवार को भी स्कूलों का निरीक्षण किया। इस काम में खंड शिक्षाधिकारी मुख्यालय ने भी दो विकास खंडों के स्कूलों का निरीक्षण किया। बीएसए को कलान क्षेत्र में एक ऐसा भी स्कूल मिला, जहां तैनात दो शिक्षक अनुपस्थित थे और उनके स्थान पर एक प्राइवेट शिक्षक अपनी निजी किताबों से बच्चों को पढ़ा रहा था। खास बात यह भी थी कि स्कूल में पंजीकृत 73 बच्चों के सापेक्ष मात्र दो बच्चे ही उपस्थित थे, शेष बच्चे दूसरे स्कूल के थे। बीएसए ने प्रधानाध्यापक और सहायक अध्यापक को निलंबित करने के साथ उनकी सेवाएं खत्म करने की कार्यवाही शुरू कर दी है। इसी तरह बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं अनुपस्थित भी पाए गए, जिनका एक दिन का वेतन काट लिया। साथ ही स्पष्टीकरण भी मांगा जा रहा है।
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बीएसए राकेश कुमार ने बताया कि उन्होंने शनिवार को विकास खंड कलान के करीब डेढ़ दर्जन स्कूलों का निरीक्षण किया। सुबह 9.18 बजे गोकुल नगला प्रथम और द्वितीय दोनों स्कूल बंद मिले, इसलिए यहां के हेड की वेतनवृद्धि रोकी गई और सहायक अध्यापकों का वेतन काट दिया गया है। उच्च प्राथमिक स्कूल पिल्हुआ में हेड मास्टर आशीष चौहान और सहायक अध्यापक रजनीश कुमार के रजिस्टर पर हस्ताक्षर थे, लेकिन दोनों गायब थे। शिकायत मिली कि दोनों स्कूल जाते ही नहीं है, उनके फर्जी हस्ताक्षर बनाए जाते हैं। उनके स्थान पर रामबख्श नामक व्यक्ति पढ़ाते मिला, जो प्राइवेट किताबों से कुछ बच्चों को पढ़ा रहा था, ये बच्चे स्कूल में पंजीकृत नहीं हैं। पंजीकृत 73 बच्चों के सापेक्ष मात्र दो बच्चे ही मिले। यहां अनुदेशक संजय कुमार विलंब से आए, इसलिए उनका एक दिन का वेतन काटा गया, जबकि हेड मास्टर और सहायक अध्यापक को निलंबित कर उनकी सेवाएं खत्म किए जाने की कार्रवाई भी शुरू की जा रही है। बीएसए ने बताया कि कलान के बीईओ अनुज कुमार सक्सेना से स्पष्टीकरण मांगते हुए, उन्हें वहां से हटा दिया गया है। क्योंकि उन्होंने 31 दिसंबर को ही स्कूल का निरीक्षण किया था, तब उन्होंने 45 बच्चों को भोजन करते दर्शाया था।
इसके अलावा प्राथमिक स्कूल हरेली नेकपुर की हेड रेखा कई दिनों से लगातार अनुपस्थित चल रही हैं। बीईओ सक्सेना ने पिछले महीने निरीक्षण के दौरान 21 दिसंबर से कई दिन तक अनुपस्थित दर्शाया था, इसके बावजूद उनका वेतन निकाल दिया। इस मामले में भी खंड शिक्षाधिकारी की भूमिका संदिग्ध प्रतीत हो रही है। उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी। उच्च प्राथमिक स्कूल विक्रमपुर के शिक्षक विनोद मिश्रा अनुपस्थित मिले, प्राथमिक स्कूल गढ़िया छबि के शिक्षक शैलेंद्र भी अनुपस्थित मिले। प्राथमिक स्कूल पिल्हुआ में शिक्षक वंदना सिंह, अरविंद पांडेय, सचिन कुमार, अखिलेश शर्मा अनुपस्थित मिले। कुदैया मदनापुर स्कूल में निर्मला सिंह अनुपस्थित मिलीं, यूपीएस बरीखास में कमला देवी और सुदेश पाल को बीआरसी जाना बताया गया, इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। बरीखास द्वितीय स्कूल में नंद किशोर सिंह हस्ताक्षर के बावजूद अनुपस्थित थे, जबकि प्रथम में हेड मास्टर आशीष सिंह अनुपस्थित थे।
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इसी तरह यूपीएस मोहनपुर कांट में सुनीता विक्रम अनुपस्थित थीं, लेकिन उनके हस्ताक्षर थे। प्राथमिक स्कूल में अशोक कुमार अनुपस्थित थे। यूपीएस डेगूपुर कांट में नीलम और विनय कटियार अनुपस्थित थे। बीएसए ने बताया कि सभी अनुपस्थित शिक्षकों का एक दिन का वेतन काटा जा रहा है।
खंड शिक्षाधिकारी मुख्यालय संजय शुक्ला ने बीएसए के निर्देश पर निगोही और कटरा खुदागंज के स्कूलों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें भी कई शिक्षक गैर हाजिर मिले और समय से पहले कई स्कूल बंद कर दिए गए थे। श्री शुक्ला ने बताया कि प्राथमिक स्कूल ऐंठापुर निगोही में सुबह 9.40 बजे शशि वर्मा और अर्चना सिंह अनुपस्थित थीं, गांगेपुर में हेड पूनम सिंह बिना तारीख वाला प्रार्थना पत्र छोड़कर गायब थीं, महोलिया स्कूल में वर्षा सक्सेना दो दिन से अनुपस्थित थीं, शिकायत मिली कि वह महीने में दो-चार दिन ही आती हैं। कटरा खुदागंज के नगला इब्राहीम स्कूल में नीतू गुप्ता और सतीश कुमार अनुपस्थित थे, रामापुर स्कूल में शोभा देवी और पूजा अनुपस्थित मिलीं। इन सभी का एक दिन का वेतन काटने की संस्तुति की गई है। श्री शुक्ला ने बताया कि लौटते वक्त उन्हें करीब 2.45 बजे तिलहर का रुद्रपुर स्कूल, मोहनपुर, ढकिया और शोभा स्कूल बंद मिला। इन स्कूलों के शिक्षकों पर भी कार्रवाई की जा रही है।


डेगूपुर स्टाफ की हुई प्रशंसा
बीएसए ने बताया कि पूरे निरीक्षण में कांट क्षेत्र के प्राथमिक स्कूल डेगूपुर ही एक मात्र ऐसा स्कूल मिला, जहां 190 के सापेक्ष 110 बच्चे उपस्थित थे और शिक्षिका वसुधा देवी, अर्चना, नीलम बाकायदा बच्चों को पढ़ाते और पीटी कराते मिलीं। सभी शिक्षिकाओं का योगदान सराहनीय है।
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