फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कछियानी खेड़ा मंदिरः गर्भगृह से स्थानांतरित की गई हनुमान जी की प्रतिमा

विज्ञापन
तिलहर के कछियानी खेड़ा हनुमान मंदिर के गर्भगृह से प्राचीन हनुमान प्रतिमा को निकालते कर्मचारी।
विज्ञापन
मंदिर की शिफ्टिंग के दौरान गुंबद को खतरा, मूर्ति भी हो सकती है क्षतिग्रस्त
विज्ञापन

तिलहर। लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण के दौरान बाधक बन रहे कछियानी खेड़ा मंदिर के गर्भगृह में स्थापित हनुमान मूर्ति को मंदिर परिसर में ही दूसरे स्थान पर स्थापित कर दिया गया है। शिफ्टिंग के दौरान गुंबद के क्षतिग्रस्त होने से मूर्ति को भी क्षति पहुंचने की आशंका थी। इस वजह से मूर्ति को बाहर निकालकर मंदिर परिसर में पीपल के वृक्ष के पास स्थापित कर दिया गया है।
मंदिर को हटाने की सहमति के बाद हरियाणा की कंपनी मंदिर में पिछले दो माह से जैक लगा रही है। जैक लगने के बाद मंदिर को पीछे ले जाने में गुंबद और प्राचीन गर्भ गृह में स्थापित हनुमान जी की प्राचीन मूर्ति को खतरा था। सोमवार को एसडीएम राशि कृष्णा, सीओ बीएस वीर कुमार, तहसीलदार ज्ञानेंद्र नाथ ने उच्च अधिकारियों से सलाह के बाद मूर्ति को हटाने का निर्णय लिया। सोमवार दोपहर से ही अधिकारी मंदिर पहुंच गए थे। बताते हैं कि मूर्ति को पहले मंदिर के बाहर शिफ्ट किए जाने का विचार किया गया। डिग्री कॉलेज के समीप बने मंदिर को सजाया गया। हालांकि बाद में फैसला बदल दिया गया। रात में मूर्ति को मंदिर परिसर में ही दूसरे स्थान पर शिफ्ट किए जाने का निर्णय लिया गया। शाम छह बजे प्रायश्चित हवन-पूजन के बाद सवा सात बजे मंदिर से हनुमान की मूर्ति को हटाने का काम शुरू किया गया। लगभग एक घंटे की मशक्कत के बाद मूर्ति को मंदिर के गर्भ गृह से निकालकर बाहर लाया गया। मंदिर परिसर में पीपल के पास मूर्ति स्थापित की गई है। तहसीलदार ज्ञानेंद्र नाथ ने बताया कि फिलहाल अभी कुछ दिनों तक मूर्ति यहीं पर स्थापित रहेगी। मंदिर को शिफ्ट किए जाने के बाद यह मूर्ति पुन: अपने मूलस्थान पर लाई जाएगी। मूर्ति को हटाए जाने के दौरान अधिकारियों के अलावा राजस्व निरीक्षक श्रीकांत दीक्षित, लेखपाल संघ के अध्यक्ष विवेक चतुर्वेदी, थाना प्रभारी राजकुमार शर्मा समेत पुलिस और पीएसी बल मौजूद रहा। हवन पूजन के बाद जैसे ही अधिकारी मंदिर से बाहर निकल रहे थे। इसी दौरान लेखपाल विवेक चतुर्वेदी असंतुलित होकर गिर पड़े। गनीमत रही कि उन्हें ज्यादा चोट नहीं आई।
विज्ञापन

मंदिर स्थानांतरण के दौरान मूर्ति को कोई क्षति न पहुंचे, इस वजह से सावधानी बरतते हुए मूर्ति को बाहर स्थापित किया गया है। विधि-विधान से हवन-पूजन के बाद मूर्ति को प्रांगण में रखा गया है।
विज्ञापन

- राशि कृष्णा, एसडीएम, तिलहर
प्रशासन को आशंका है कि मंदिर के गर्भ गृह के गुंबद को किसी प्रकार की क्षति पहुंच सकती है। इसी वजह से प्रशासन ने हनुमंत प्रतिमा को हटवाया है। प्रशासन ही इस संपूर्ण प्रक्रिया को अपने स्तर से कर रहा है। - रामलखन गिरी, महंत
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें