शाहजहांपुर। विशेष पॉक्सो न्यायालय के अपर सत्र न्यायाधीश प्रेम शंकर ने छह साल के बच्चे के साथ दुष्कर्म करने के बाद उसकी हत्या करने के मामले में किशोर अपराधी को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने उस पर एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
घटना 26 जनवरी 2019 की है। सदर बाजार थाने में दर्ज मुकदमे में वादी ने बताया था कि उनका करीब छह वर्षीय बेटा दोपहर करीब 3:50 बजे खेलने के लिए घर से बाहर गया था। काफी देर तक वापस न आने पर परिवार ने उसकी तलाश शुरू की। तलाश के दौरान बच्चे का शव मोहल्ले के रहने वाले एक किशोर के घर में उसके बिस्तर में छिपा मिला। परिजन बच्चे को अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसकी मौत दम घुटने से हुई थी।
पुलिस ने मामले की विवेचना कर आरोपपत्र किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया। बोर्ड ने जांच के दौरान किशोर की उम्र 16 वर्ष 10 माह 20 दिन पाई और अपराध की प्रकृति को देखते हुए मामला वयस्क की तरह विचारण के लिए विशेष पॉक्सो न्यायालय को भेज दिया।
न्यायालय में अभियोजन की ओर से सात गवाह पेश किए गए। न्यायालय ने किशोर को दोषी पाते हुए उसे 20 वर्ष के कठोर कारावास और एक लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने वाले को पांच वर्ष का कारावास
शाहजहांपुर। नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने के मामले में पॉक्सो कोर्ट के विशेष न्यायाधीश प्रेम शंकर ने दोषी सपन जोशी को पांच वर्ष के कारावास और 60 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
चौक कोतवाली में वादी ने नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर ले जाने की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। सपन जोशी ने किशोरी को अपने साथ ले जाने के बाद उसके परिजनों को फोन कर धमकी दी थी। विवेचना के दौरान पीड़िता के बयान दर्ज कराने के साथ उसका चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया। अदालत ने सुनवाई के बाद सपन जोशी को दोषी पाते हुए पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। संवाद
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एक साल की बच्ची से दुष्कर्म के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज
शाहजहांपुर। खुटार थाना क्षेत्र में एक साल की बच्ची से दुष्कर्म के आरोपी की जमानत अर्जी विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट नुसरत खान ने खारिज कर दी। न्यायालय ने अपराध की गंभीर प्रकृति और अभियोजन के उपलब्ध साक्ष्यों को देखते हुए जमानत देने से इन्कार किया।
खुटार क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने नौ जून को पुलिस को तहरीर दी। आरोप था कि दोपहर करीब एक बजे गुड्डू उनके घर में घुस आया और उसकी एक वर्षीय बेटी के साथ दुष्कर्म किया। बच्ची के रोने की आवाज सुनकर उसकी मां मौके पर पहुंची तो आरोपी भाग गया। सूचना पर डायल-112 पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने आरोपी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था। उसके दोनों पैरों में गोली लगी थी। पुलिस ने गुड्डू के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना के बाद आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया।
बचाव पक्ष ने जमानत के लिए तर्क दिया कि आरोपी को रंजिश के चलते फंसाया गया है और मेडिकल रिपोर्ट में अभियोजन के आरोप की पुष्टि नहीं होती। विशेष लोक अभियोजक ने जमानत का विरोध करते हुए अपराध की गंभीरता का हवाला दिया। दोनों पक्षों को सुनने और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद न्यायालय ने जमानत अर्जी खारिज कर दी। संवाद