बकाया मानदेय का भुगतान नहीं करने और बाहरी ठेकेदारों को संविदा कर्मचारियों की निविदाएं दिए जाने के विरोध में विद्युत संविदा मजदूर संगठन ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय में मंगलवार को दूसरे दिन भी नारेबाजी करके धरना-प्रदर्शन जारी रखा। खास यह रहा कि पीलीभीत के तमाम संविदा बिजली कर्मचारियों ने धरना में सहभागिता की।
धरना स्थल पर हुई सभा में बिलसंडा पॉवर सब स्टेशन से आए दिनेश चंद्र ने संविदा स्टाफ की तमाम समस्याएं गिनाईं। उन्होंने कहा कि उनके संवर्ग को मात्र तीन हजार रुपये मासिक मानदेय स्वीकृत किया गया। वहां एक वर्ष से अधिक समय से कार्य कर रहे संविदा श्रमिकों को न तो श्रम विभाग में पंजीकृत कराया गया और न ही ईपीएफ का नंबर दिया गया। पिछले साल ठेका कंपनी मेसर्स विजय राय सक्सेना के ठेका में काम के दौरान कन्हई लाल की पूरनपुर में मौत हो गई, लेकिन कोई आर्थिक सहायता नहीं मिलने से उनका परिवार दर-दर की ठोकरें खा रहा है।
बीसलपुर, शाहगढ़, करेली आदि स्थानों से आए संविदा श्रमिकों ने 12 घांटे की ड्यिूटी लेने के बावजूद पर्याप्त मानदेय नहीं दिए जाने पर रोष व्यक्त किया। सभा का संचालन करते हुए कर्मचारी नेता राजेश कुमार ने कहा कि यही स्थिति जिले के जलालाबाद, मिर्जापुर, कलान आदि सब स्टेशनों के संविदा श्रमिकों की है, लेकिन अधिकारी उसी ठेकेदार को फिर से गुपचुप निविदा जारी करने में जुटे हैं। जोनल अध्यक्ष नवल किशोर सक्सेना और जिलाध्यक्ष मो. रफी के नेतृत्व में एक सौ से अधिक संविदा कर्मी धरना प्रदर्शन में शामिल रहेे।