शाहजहांपुर। ओडीओपी की तरह ही एक जिला-एक व्यंजन योजना में जिले से गुड़ और लौज (दूध से बना एक व्यंजन) को शामिल किया जाएगा। उद्योग केंद्र से दोनों ही व्यंजनों को प्रस्ताव में शामिल कर भेज दिया गया है। संभावना है कि जल्द ही इस पर मुहर लग सकती है। अधिकारियों के अनुसार, दोनो वस्तुओं से जुड़े व्यापारियों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
एक जिला-एक उत्पाद की थीम पर एक जिला एक-व्यंजन योजना को लागू करते हुए प्रत्येक जिले से मशहूर व्यंजन की सूची मांगी गई थी। यहां से गुड़ और लौज का चयन किया गया। गन्ने की बड़े पैमाने पर खेती होने के कारण गुड़ का उत्पादन भी काफी होता है। कोल्हू पर गुड़ तैयार कर स्थानीय बाजार के अलावा आसपास के मार्केट में भी खपाया जाता है।
इसी तरह तिलहर की लौज भी काफी मशहूर है। इसे देखते हुए गुड़ और लौज को एक जिला-एक व्यंजन में शामिल किया गया है। उद्योग केंद्र के अधिकारियों के अनुसार, योजना के तहत व्यापारियों व कारोबारियों को प्रोत्साहित किया जा सकता है। उन्हें प्रशिक्षण भी दे सकते हैं। इसके लिए शासन से आदेश आने का इंतजार है।
जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त संजय सिंह ने बताया कि गुड़ व लौज के प्रस्ताव बनाए गए हैं। संभावना है कि इन व्यंजनों की ब्रांडिंग की जा सकती है। मार्जिन मनी का लाभ भी दिया जा सकता है। शासन स्तर से आए निर्देशों के हिसाब से काम किया जाएगा।
सरकार से लौज योजना में शामिल हो जाएगी तो जिले के लिए काफी उपयोगी रहेगा। लौज के कारोबार से जुड़े व्यापारियों का कारोबार बढ़ेगा। उनका उत्पाद दूसरे जिलों तक पहुंच सकेगा।
-प्रियंक गुप्ता, लौज व्यापारी
शासन के संज्ञान लेने से गुड़ का कारोबार बढ़ सकेगा। इसकी खपत भी बढ़ेगी और सीधा फायदा किसानों और गुड़ निर्माताओं को पहुंचेगा। कारोबारी भी प्रोत्साहित होंगे।
-गौरव यादव, गुड़ निर्माता कजरीनूरपुर
गौरव यादव। संवाद