शाहजहांपुर। दो दिन तक मौसम सामान्य रहने के बाद शुक्रवार रात से फिर बादल छाने शुरू हो गए। आधी रात के बाद से भोर तक गरज के साथ बारिश होती रही। इससे न्यूनतम तापमान दो डिग्री बढ़कर 17.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। तीन मिमी बारिश से अधिकतम तापमान दो डिग्री घटकर 29 डिग्री सेल्सियस हो गया। तीन दिन पहले की बारिश से फसलों को हुए नुकसान से परेशान किसान खेतों से कटी हुई सरसों की फसल समेटने लगे हैं।
शनिवार से मंगलवार तक जिले में 39 मिमी बरसात हो चुकी है। बारिश से हुए नुकसान का जायजा लेने को कृषि विभाग ने तीन-तीन कर्मचारियों की 135 सर्वे टीमें जुटा रखी हैं। हालांकि, बीच में दो दिन धूप निकली, लेकिन बारिश से भीगी फसलें पूरी तरह सूख भी नहीं पाईं कि आधी रात से मौसम ने अपने तेवर फिर से तीखे कर लिए। बारिश शुरू होते ही किसानों की नींद उड़ गई। उन्होंने रात जैसे-तैसे जागकर बिताई और सुबह होते ही फसलों का हाल देखने को खेतों पर जा पहुंचे।
दो दिन पहले बारिश थमने और धूप निकलने पर तमाम किसानों ने सरसों की तैयार फसल काटने और खेतों से आलू निकालने का काम तेज कर दिया था। कटी हुई फसल को धूप दिखाने के लिए उसे खेतों में रख छोड़ा था, लेकिन दोबारा बारिश से किसानों की खेती से जुड़ी उम्मीदों पर भी पानी फिर रहा है। जैतीपुर क्षेत्र के बझेड़ा भगवानपुर, खेड़ा बझेड़ा आदि गांवों के किसान दिनभर खेत से फसलें निकालकर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटे रहे।
सर्वे पूरा होने में लगेंगे दो सप्ताह
बारिश से फसलों को हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए कृषि विभाग के अधिकारियों ने सर्वे टीमों को दस दिन का समय दिया था, लेकिन दोबारा बारिश हो जाने से इस काम में अब करीब दो सप्ताह लगने के आसार हैं। पहले हुई बारिश से अधिकारी करीब 15 फीसदी रबी फसलें खराब होने का फौरी अनुमान लगा चुके हैं, लेकिन अब नुकसान बढ़ने की आशंका है। हालांकि, सर्वे टीमों में शामिल कर्मचारियों ने कुछ जगह सर्वे करने के बाद बताया कि तेज हवा से बंडा और सिंधौली में कुछ स्थानों पर गेहूं गिरा है, लेकिन सुबह बारिश थमने के बाद धूप निकल आने से भीगी फसलें सूखने लगी हैं।
जिला पंचायत अध्यक्ष ने मांगी मदद
जिला पंचायत अध्यक्ष ममता यादव ने फसली नुकसान से आहत किसानों के लिए प्रशासन से आर्थिक मदद मांगी है। उन्होंंने डीएम को लिखे पत्र में बारिश से जिले में रबी की 40 से 60 प्रतिशत फसलें खराब होना बताते हुए कहा है कि गेहूं, सरसों और आलू की फसलों का तहसील स्तर पर सर्वे शीघ्र पूरा करके किसानों को जल्द मुआवजा दिलाने की आवश्यकता है।
शहर में खोदी गई सड़कों का बुरा हाल
शहर में सीवर लाइन केे लिए खोदी जा रही सड़कों का बार-बार हो रही बारिश से बुरा हाल हो गया है। लाल इमली चौराहा-टेलीफोन एक्सचेंज मार्ग पर मल्हार तिराहा के पास सीवर पाइप डालने के लिए सड़क खोदकर निकाली गई मिट्टी के ढेर बारिश से कीचड़ और दलदल में बदल गए हैं। वहां दिन में कई बार राहगीर और बाइक सवार फिसलकर गिरते देखे गए। इसी तरह झंडा मोहल्ले में शास्त्रीनगर कॉलोनी वाले मार्ग पर खोदी गई सड़क के पास इतना कीचड़ हो गया कि लोग पैदल भी नहीं निकल सके और उन्हें आगे जाकर बच्चा जेल वाले मार्ग से होकर निकलना पड़ा।