शाहजहांपुर। लखनऊ-पलिया नेशनल हाईवे पर अवंतीबाई तिराहे से लेकर नियामतपुर मोड़ तक वाहन चालक खतरे में जान डालकर सफर करते हैं। यहां पर इतने गड्ढे हैं कि जरा-सी चूक हादसे का शिकार बना सकती है। कई बार शिकायत करने के बावजूद इन गड्ढों को दुरुस्त नहीं कराया गया है।
लखनऊ-पलिया हाईवे पर फोरलेन निर्माण का कार्य चल रहा है। बारिश होते ही मार्ग से निकलना दूभर हो गया है। सड़क के दोनाें ओर खोदाई होने की वजह से वाहनों का निकलना मुश्किल है। करीब डेढ़ किमी सड़क की स्थिति काफी खतरनाक है। आए दिन हादसे होने पर लोग चोटिल होते हैं, लेकिन जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं देते।
शाहजहांपुर से पलिया जाने वाली सड़क को सात मीटर से बढ़ाकर 10 मीटर चौड़ा किया जा रहा है। खुटार से लेकर पुवायां रोड स्थित बाइपास तक 48 किलोमीटर सड़क का चौड़ीकरण कार्य चल रहा है। मार्च 2021 में भूमि के अधिग्रहण का काम शुरू हुआ था। नियामतपुर मोड़ से खुटार तक हाईवे का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है।
अवंतिबाई तिराहा से लेकर नियामतपुर मोड़ तक सड़क पर अनगिनत गड्ढे हैं। इनकी वजह से राहगीरों को इस पर चलना मुश्किल है। गड्ढे इतने बड़े हैं कि वाहन अनियंत्रित होकर पलट जाते हैं। खासतौर पर ई-रिक्शा अक्सर पलटते रहते हैं। कार्यदायी संस्था एनएचएआई का दावा है कि जल्द ही निर्माण पूरा कर लिया जाएगा।
गड्ढों की मरम्मत पहले कराई जा चुकी है। फिर गड्ढे हो गए हैं। निर्माण पूरा होने के बाद राहगीरों की समस्या खत्म हो जाएगी। राहगीरों के लिए करीब डेढ़ किमी का सफर बहुत ही खतरनाक है। एक साल से गड्ढों की मरम्मत भी नहीं कराई गई है। बारिश के मौसम में गड्ढों में पानी भर जाता है। इससे ये और खतरनाक हो जाते हैं। पानी भरा होने से चालकों को सड़क पर गड्ढा होने का आभास नहीं हो पाता है।
गड्ढों की नहीं हो रही मरम्मत
चिनौर में कार्यदायी संस्था पुवायां रोड पर सड़क के दोनों तरफ नालों का निर्माण करा रही है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि कार्यदायी संस्था सड़क निर्माण होने की वजह से गड्ढों को नहीं भरवा रही है। इसका खमियाजा राहगीरों को भुगतना पड़ रहा है। सड़क का निर्माण बारिश के बाद ही होने की संभावना है। तब तक राहगीरों को गड्ढों के बीच से ही गुजरना पड़ेगा।
लोगों की दर्द
सड़क पर एक साल से अधिक समय से गड्ढे हैं। ये काफी खतरनाक हो गए हैं। रात में अंधेरा होने की वजह से बाइक सवार घायल हो जाते हैं। जिम्मेदार लोगों को सड़क सही करानी चाहिए।
- करन सक्सेना
इस सड़क से होकर रोज गुजरना पड़ता है। अगर बाइक ध्यान से नहीं चलाई तो हादसा होने का खतरा बना रहता है। एक बार बाइक गड्ढे की वजह से गिर गई थी। इससे पैर में चोट लग गई।
गड्ढों की वजह से डेढ़ किमी का सफर करने में 20 मिनट लग जाते हैं। गड्ढों के साथ दूसरे वाहनों से भी बचकर चलना पड़ता है। बारिश में गड्ढों में पानी भर जाता है। ये और खतरनाक हो जाते हैं।
- राहुल खन्ना
ई-रिक्शा से अक्सर बाजार जाते हैं। कई बार ई-रिक्शा गड्ढों की वजह से असंतुलित हो जाता है। इसमें ई-रिक्शा पलटने का खतरा बना रहता है। सड़क काे जल्द सही कराना चाहिए।
- सुमित्रा राजपूत
गड्ढों की मरम्मत कराई जाएगी जिससे राहगीरों को निकलने में परेशानी न हो। सड़क निर्माण होने की वजह से काम रुका हुआ था। जल्द ही सड़क को सही करा दिया जाएगा।
- सौरभ चौरसिया, परियोजना निदेशक, एनएचएआई
शाहजहांपुर पुवायां मार्ग पर सड़क पर हुआ गड्ढा। संवाद
शाहजहांपुर पुवायां मार्ग पर सड़क पर हुआ गड्ढा। संवाद
शाहजहांपुर पुवायां मार्ग पर सड़क पर हुआ गड्ढा। संवाद
शाहजहांपुर पुवायां मार्ग पर सड़क पर हुआ गड्ढा। संवाद
शाहजहांपुर पुवायां मार्ग पर सड़क पर हुआ गड्ढा। संवाद