शाहजहांपुर। नगर निगम की ओर से शहर के चार तालाब अमृत योजना के तहत सौंदर्यीकरण कराने के लिए चिह्नित किए गए हैं। अमृत मिशन निदेशालय को डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट भी भेजी जा चुकी है। स्वीकृति मिलते ही काम शुरू कराया जाएगा, लेकिन इसमें सबसे बड़ी बाधा तालाबों पर हुए अवैध कब्जे हैं। लोगों ने तालाबों पर अतिक्रमण कर रखा है। इन्हें हटवाना नगर निगम के लिए सिरदर्द बनेगा। शहर खास उत्तरी बाहर चुंगी, शहर खास उत्तरी बाहर चुंगी, शहर खास उत्तरी अंदर चुंगी पक्का तालाब एवं अजीजगंज स्लम एरिया स्थित तालाबों को नगर निगम ने चिह्नित किया गया।
चिनौर के दोनों तालाबों पर स्वामित्व का विवाद
चिनौर में दो तालाबों को चिह्नित किया गया है। एक तालाब शहर खास उत्तरी बाहर चुंगी तथा दूसरा शहर खास उत्तरी अंदर चुंगी में स्थित है। नगर निगम (तब नगर पालिका) ने तालाब को पिलर और तार बांधकर कवर किया गया है। तालाब की जमीन पर एक बोर्ड लगा है। इस पर लिखा है कि इस भूमि पर हाईकोर्ट का स्टे है। 2018 से मुकदमा चल रहा है। आसपास के लोगों ने बताया कि तालाब में वर्षा जल का संचयन करने और शुद्ध करके उसका उपयोग करने के लिए तत्कालीन नगर पालिका प्रशासन की ओर से प्लांट लगाया जा रहा था, तभी एक व्यक्ति ने तालाब पर अपने स्वामित्व का दावा ठोंक दिया और हाईकोर्ट से स्टे लेकर काम प्लांट का काम रुकवा दिया। दूसरे तालाब के कुछ हिस्से पर जल्द ही किसी ने मिट्टी डाली है। बताया जा रहा है कि जिस हिस्से पर मिट्टी डाली गई है, उसका पहले से बैनामा है।
कूड़ा डालकर पाटा जा रहा पक्का तालाब
शहर खास उत्तरी अंदर चुंगी में पक्का तालाब स्थित है। इस तालाब को लोगों ने कूड़ा डालकर पाट दिया है और घर बनाकर रहने लगे हैं। कुछ हिस्से पर कूड़ा बीनने वालों का कब्जा है। ये लोग इधर-उधर से कबाड़ लाकर इसी मैदान में एकत्र करते हैं। कूड़े में से तार आदि काम की चीजें निकालते हैं। मैदान में कूड़ा पड़ने की वजह से उठने वाली बदबू से भी लोग परेशान हैं। बताया जाता है कि पुराने समय में यह तालाब इतना गहरा था कि इसमें हाथी नहाते थे।
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अजीजगंज मलिन बस्ती के तालाब पर भी कब्जे
अजीजगंज की मलिन बस्ती स्थित तालाब पर लोगों ने कब्जा कर लिया है और मकान बनाकर रहने लगे हैं। इस तालाब को भी सौंदर्यीकरण के लिए चिह्नित किया गया है, लेकिन यहां भी कब्जे हटाना आसान नहीं है। पूर्व में भी नगर निगम ने इस तालाब को कब्जा मुक्त कराने के प्रयास किए, लेकिन तालाब कब्जा मुक्त नहीं हो सका। अब जब इसका सौंदर्यीकरण कराने की योजना है, तो सबसे ज्यादा परेशानी इसे कब्जा मुक्त कराने को लेकर ही होनी है।
वर्जन::::
चार तालाबों का अमृत योजना-2.0 के तहत सौंदर्यीकरण कराने की योजना है। इसके लिए डीपीआर भेजी गई थी। इसमें कुछ परिवर्तन करने के लिए कहा गया है। दोबारा डीपीआर भेजी जाएगी। स्वीकृति मिलने पर कार्य शुरू करया जाएगा। - आशीष कुमार, अधिशासी अभियंता (सिविल) नगर निगम
शाहजहांपुर के बाडूजई स्थित पक्का तालाब में लोगो ने किया कब्जा । संवाद
शाहजहांपुर के बाडूजई स्थित पक्का तालाब में लोगो ने किया कब्जा । संवाद
शाहजहांपुर के बाडूजई स्थित पक्का तालाब में लोगो ने किया कब्जा । संवाद