जैतीपुर। हैंडपंप रीबोर घोटाले से जुड़े रोज नए तथ्य सामने आ रहे हैं। शुक्रवार को जांच टीम ने 15 जगह जांच की। इनमें से कोई भी हैंडपंप मानक के अनुरूप नहीं मिला। एक हैंडपंप में सब-मर्सिबल का इस्तेमाल किया जा रहा था।
जैतीपुर क्षेत्र में हैंडपंपों की रीबोरिंग में अनियमितता की शिकायत लोकायुक्त से की गई थी। इसके बाद प्रशासन ने टीम बनाकर जांच शुरू कराई है। शुक्रवार को टीम ने क्षेत्र के 15 हैंडपंपों की जांच की। 15 में चार हैंडपंप चालू हालत में नहीं मिले। तीन हैंडपंप घरों के अंदर लगे मिले। धुबला करीमनगर गांव में लगे हैंडपंप का हेड खोलकर सब-मर्सिबल लगाया गया था।
भरई गांव में नया हैंडपंप लगा मिला, जिसे लगाने का ग्राम पंचायत को अधिकार ही नहीं है। ग्राम पंचायत केवल रीबोर करा सकती है। आलमपुर गांव में पांच और मरेना गांव में चार हैंडपंप रिबोर दिखाए गए थे लेकिन बृहस्पतिवार को जांच में सामने आया था कि जिन लोगों के घर के सामने हैंडपंप लगे होने की बात कही गई थी, वे लोग गांव के रहने वाले ही नहीं हैं।
शिकायतकर्ता रामप्रवेश शुक्ला बताया कि करीब पांच सौ हैंडपंप रिबोर गलत तरीके से होने की शिकायत की गई थी। इसमें से ब्लाॅक द्वरा केवल 150 नलों की सूची ही उपलब्ध कराई गई है। बाकी 350 से ज्यादा नलों की सूची उपलब्ध न कराने के पीछे बड़ी धांधली दिखाई दे रही है। उन्होंने जांच की धीमी गति पर लोकायुक्त को शिकायती पत्र भेजा है। पत्र में मंडल स्तर की टीम से जांच कराने की मांग की है।
रामप्रवेश शुक्ला ने डीएम को पत्र भेजकर बैसरा बेसरी, गोरा बकैनिया, जैतीपुर, अली अकबरपुर नवादा, लोहरगवां, रसेवन, नदइया रामपुर, खेड़ारठ आदि ग्राम पंचायतों में आवास आवंटन की भी जांच कराने की मांग की है।