शाहजहांपुर। स्वास्थ्य विभाग में कर्मचारियों की मिलीभगत से बने फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र मामले की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस की विवेचना ने तेजी पकड़ ली है। रविवार को पुलिस टीम ने मिर्जापुर के गांव में पहुंचकर जांच की। इससे खलबली मच गई।
इस बीच फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाने वाले घर छोड़कर खेतों में छिप गए। मिर्जापुर के गांव मझारा बढ़ऊ निवासी संतराम कश्यप ने दिसंबर में डीएम को प्रार्थना पत्र देकर गांव के कई लोगों के फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्रों के जरिये सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की शिकायत की थी। डीएम के निर्देश पर सीडीओ की अध्यक्षता में बनी कमेटी ने मामले की जांच की ताे 14 अपात्रों के दिव्यांग प्रमाणपत्र बने होने की पुष्टि हुई।
सीएमओ के निर्देश पर जिला प्रशासनिक अधिकारी ने जिला प्रारंभिक हस्तक्षेप केंद्र (डीईआईसी) मैनेजर संतोष कुमार सिंह समेत 12 कर्मियों पर चौक कोतवाली में विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। मामले की जांच सीओ सिटी पंकज पंत कर रहे हैं। रविवार को पुलिस की टीम ने मझारा गांव में पहुंचकर जांच की। इससे गांव में खलबली मच गई। फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाने वाले भी छिप गए। कुछ गांव छोड़कर कस्बे में पहुंच गए। सीओ ने बताया कि मामले की विवेचना चल रही है।