शाहजहांपुर। निगोही के सीएचसी प्रभारी डॉ. नितिन चौधरी ने रविवार को कस्बे में उस निजी अस्पताल का आकस्मिक निरीक्षण किया, जहां कुछ दिन पहले एक महिला की प्रसव के दौरान मौत हो गई थी। उन्होंने वहां के कागजातों की गहन जांच की, लेकिन वह डॉक्टर मौके पर नहीं मिले, जिसके नाम पर अस्पताल का पंजीकरण है।
बता दें कि चार दिन पहले विक्रमपुर चकौरा गांव की महिला की प्रसव के दौरान इलाज से मौत हो गई थी। इससे पहले भी झोलाछापों के इलाज में लापरवाही के कारण कई मौतें हो चुकी हैं। अमर उजाला के रविवार के अंक में ऐसी घटनाओं की खबर प्रमुखता से प्रकाशित होने पर स्वास्थ्य विभाग ने उसका संज्ञान लिया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देश पर नोडल अधिकारी नामित किए गए सीएचसी प्रभारी अपनी टीम के साथ निजी अस्पताल की जांच करने पहुंचे।
सीएचसी प्रभारी ने अस्पताल के संचालक से पंजीकरण के कागजात दिखाने के लिए कहा। उन्होंने उस डॉक्टर के बारे में भी पूछताछ की, जिसके नाम से अस्पताल पंजीकृत है। बताया कि निरीक्षण के दौरान पंजीकरण कराने वाले डॉक्टर नहीं मिले। अस्पताल में एक आयुष डॉक्टर ही ओपीडी देखते हुए मिले। सीएचसी प्रभारी के अनुसार जांच रिपोर्ट सीएमओ को भेज दी है।