नगर निगम कार्यालय शाहजहांपुर। संवाद
शाहजहांपुर। नगर निगम में फर्जी दस्तावेज लगाकर निविदा हासिल करने के मामले सामने आने के बाद अब 47 फर्मों की जांच कराई जा रही है। जांच में कई फर्मों के दस्तावेज संदेह के घेरे में आए हैं। नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद फर्जी दस्तावेज लगाने वाली फर्मों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम में निर्माण कार्यों की निविदा हासिल करने के लिए बंडा के रघुनाथपुर निवासी सुनील कुमार सिंह की मैसर्स भदौरिया कंस्ट्रक्शन ने हल्द्वानी-काठगोदाम और खुटार के खंड विकास अधिकारी कार्यालय के फर्जी अनुभव प्रमाणपत्र लगाए थे। जांच में प्रमाणपत्र फर्जी पाए जाने के बाद फर्म को एक वर्ष के लिए ब्लैक लिस्ट कर दिया गया।
इसी तरह तिलहर क्षेत्र के रितगंजा निवासी प्रदीप कुमार गुप्ता की मथुरा कंस्ट्रक्शन फर्म ने नगर निगम के निर्माण विभाग में पंजीकरण के दौरान फर्जी चरित्र प्रमाणपत्र लगाया था। इस मामले में भी फर्म को ब्लैक लिस्ट किया जा चुका है।
दो फर्मों के दस्तावेज फर्जी मिलने के बाद नगर निगम ने 47 फर्मों को चिह्नित कर उनके दस्तावेजों की जांच शुरू कराई है। बताया जा रहा है कि जांच के दौरान कुछ अन्य फर्मों के दस्तावेज भी संदेह के घेरे में आए हैं। हालांकि इनकी पुष्टि के लिए संबंधित विभागों से दस्तावेजों का सत्यापन कराया जा रहा है। जांच की जद में विभागीय स्तर पर दस्तावेजों की जांच और पंजीकरण से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी भी आ सकते हैं। जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने वाली फर्मों पर कार्रवाई की जाएगी।
विभाग की ओर से 47 फर्मों की जांच कराई जा रही है। जांच पूरी होने के बाद फर्जी दस्तावेज लगाने वाली फर्मों को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की जाएगी।
- सौम्या गुरुरानी, नगर आयुक्त