शाहजहांपुर। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद विलय होने वाले स्कूलों का खंड शिक्षा अधिकारी निरीक्षण करने के बाद बीएसए को रिपोर्ट देंगे। एक किलोमीटर से ज्यादा दूरी होने व 50 नामांकन होने पर विलय का आदेश निरस्त किया जाएगा। संभावना है कि विलय किए गए आधे से ज्यादा स्कूल पुराने भवनों में लौट आएंगे।
जनपद में 40 छात्र संख्या वाले स्कूलों को विलय करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। फिर 50 छात्र संख्या वाले स्कूलों को जद में लिया गया। 432 स्कूलों को सूचीबद्ध किया गया। स्कूलों को विलय करने का लगातार विरोध करते हुए मुख्यमंत्री को मांगपत्र भेजे गए। इसके बाद सीएम ने संज्ञान लिया और दिशा-निर्देश जारी किए गए।
लखनऊ से आदेश आने के बाद अब बीईओ को स्कूलों में मौके पर जाकर निरीक्षण कर जांच आख्या देने के निर्देश दिए गए। बीईओ दूरी देखने के साथ ही नामांकन 50 होने पर स्कूल को विलय नहीं करने की रिपोर्ट देंगे। संभावना है कि काफी गांवों के स्कूल विलय होने से बच जाएंगे। बीएसए दिव्या गुप्ता ने बताया कि बीईओ की रिपोर्ट आने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
विलय करने में की गई थी मनमानी
स्कूलों को विलय करने में बीईओ स्तर से मनमानी की गई थी। नगर में कई स्कूलों में सौ छात्र संख्या होने के बावजूद विलय कर दिया गया। अफसरों की नाराजगी के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने यू-टर्न ले लिया। इसी तरह भावलखेड़ा में 71 छात्र संख्या वाले स्कूल को विलय कर दिया गया।