शाहजहांपुर। निरीक्षण के दौरान जलालाबाद सीएचसी में अनियमितता मिलने पर डीएम ने फार्मासिस्ट को निलंबित करने और सीएचसी प्रभारी को हटाने के निर्देश सीएमओ डॉ. विवेक मिश्रा को दिए हैं। डीएम ने औषधियों के गायब मिलने पर जांच के बाद प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए भी सीएमओ को निर्देशित किया है।
डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने 16 जून को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया था। मौके पर एक गार्ड, फार्मासिस्ट और एक वार्ड बॉय ही मिला था। स्वास्थ्य केंद्र बंद था और दोपहर 1:45 बजे औषधि केंद्र पर भी ताला पड़ा था। कुछ महिलाएं दवाई लेने के लिए बैठी हुईं थीं। सीएचसी में अराजकता एवं अव्यवस्था का माहौल था।
डीएम के निर्देश पर एसडीएम जलालाबाद ने औषधि वितरण केंद्र का निरीक्षण कर रिपोर्ट सौंपी। इसमें सामने आया कि फार्मासिस्ट ने औषधियों की उपलब्धता, वितरण एवं रखरखाव को गंभीरता से नहीं किया। इंसुलिन के 70 इंजेक्शन दर्ज थे, जबकि मौके पर 120 इंजेक्शन मिले। अन्य इंजेक्शन भी सही संख्या में दर्ज नहीं थे।
लिग्नोकेन इंजेक्शन स्टॉक रजिस्टर में 96 दर्ज मिले जबकि मौके पर 90 ही उपलब्ध थे। छह इंजेक्शन के बारे में स्थिति स्पष्ट नहीं की गई। ओआरएस और मलेरिया जांच किट के वितरण का कोई अभिलेख प्रस्तुत नहीं किया गया। डीएम ने फार्मासिस्ट को निलंबित करते हुए उसके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
डीएम ने बताया कि पर्यवेक्षण में लापरवाही मिलने पर सीएचसी प्रभारी डाॅ. सोमेश अग्निहोत्री को सीएचसी से हटाने और एक साल तक किसी भी सीएचसी का प्रभार न देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उनके खिलाफ एक प्रतिकूल प्रविष्टि भी देने के लिए सीएमओ को निर्देशित किया है।