मुख्य विकास अधिकारी पुलकित खरे ने कहा है कि तहसील दिवसों की शिकायतों के निस्तारण में अधिकारी गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि अधिकारी अपने अधीनस्थों को भेजने के बजाय स्वयं मौके पर जाकर जन शिकायतों का निस्तारण कराएं।
सदर तहसील के सभागार में तहसील दिवस की अध्यक्षता करते हुए सीडीओ ने यह निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तहसील दिवसों की शिकायतों की समीक्षा तहसील से लेकर शासन स्तर तक होती है।
इसलिए निस्तारण में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। यह तभी संभव होगा जब अधिकारी कार्यालय में बैठकर अथवा अधीनस्थ कर्मचारी को भेजकर शिकायत निस्तारित करने के बजाय स्वयं मौके पर जाएंगे।
एडीएम प्रशासन मुनेंद्र नाथ उपाध्याय ने जन शिकायतों की सुनवाई करते हुए कहा कि राजस्व विभाग के अधिकारी और कर्मचारी संवेदनशील होकर काम करें। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में लेखपाल सही ढंग से कार्य करें तो लोगों की समस्याएं भी कम हो जाएंगी।
एसपी बबलू कुमार ने थानाध्यक्षों को निर्देश दिए कि वह जमीन संबंधी मामलों में राजस्व स्टाफ के साथ मौके पर जाकर इस तरह समस्या का समाधान करें जिससे कि दोबारा शिकायत नहीं मिले।
तहसील दिवस में विभिन्न विभागों की 313 शिकायतें पंजीकृत की गईं। इनमें राजस्व विभाग से संबंधित दस शिकायतों का अफसरों ने तत्काल निस्तारण कराया और शेष मामले संबंधित विभागों के अधिकारियों को संदर्भित करके उनका निस्तारण एक सप्ताह में करने के निर्देश दिए।
इस मौके पर एसडीएम सदर एपी श्रीवास्तव, सीओ सिटी डॉ. कृष्ण गोपाल यादव, डीआरडीए के परियोजना निदेशक अजय प्रकाश, तहसीलदार ओंकार नाथ वर्मा आदि अधिकारी मौजूद रहे।
नहीं हुआ समस्या का निस्तारण
तिलहर। तहसील दिवस का आयोजन एसडीएम विजय शंकर दुबे की अध्यक्षता में हुआ। इसमें 106 फरियादी अपनी शिकायतों को लेकर पहुंचे, लेकिन किसी भी शिकायत का मौके पर निस्तारण नहीं हो सका। इस दौरान तहसीलदार लालता प्रसाद तिवारी, कोतवाल अरुण कुमार सिंह सहित अनेक तहसील स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।