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Shahjahanpur News: दरोगा बोल रहा हूं... मुकदमा चलाना है तो 5000 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करो

Mon, 26 Aug 2024 01:44 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
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भावलखेड़ा। थाने से दरोगा बोल रहा हूं। मारपीट के मामले में मुकदमा चलाना चाहते हो या बंद कर दें। कार्रवाई चाहते हो तो अभियुक्तों का वारंट जारी कराने के लिए पांच हजार रुपये खर्च आएगा। यह रकम ऑनलाइन ट्रांसफर कर दो, वरना केस बंद हो जाएगा।
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थाना रामचंद्र मिशन क्षेत्र के मोहल्ला चमकनी गाड़ीपुरा निवासी अनिल के पास रविवार को सुबह आठ बजे किसी ठग ने फोन पर यही बात की। कॉल रिकार्डिंग सुनने के बाद पुलिस ठग की तलाश में जुट गई है।

अनिल ने गत 23 अगस्त की रात मोहल्ले के राहुल, बब्लू, पप्पू और आकाश के खिलाफ घर में घुसकर भाई अमर व अनुज और मां चैना देवी से मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बीते दिन सुबह विवेचक एसआई विमल कुमार मामले की जांच के लिए थाना गए थे।
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उन्होंने वादी को बुलाकर घटना की जानकारी भी ली। इसलिए रविवार को जब अनिल के पास फोन आया तो उन्हें शक हो गया। दरअसल, फोन करने वाला शख्स थाने न बुलाकर ऑनलाइन रुपये ट्रांसफर करने पर जोर दे रहा था। कह रहा था कि सीधे रुपये लेने होते तो तब ही ले लेते जब एफआईआर कराने आए थे। सबके सामने रुपये देंगे तो बात नौकरी पर आ जाएगी।

शक होने पर अनिल ने थाने पहुंचकर विवेचक समेत इंस्पेक्टर चंद्र प्रकाश शुक्ला को काॅल रिकार्डिंग सुनाई। जिस नंबर से कॉल आई थी, उसे इंस्पेक्टर ने अपने फोन से डायल किया तो नंबर स्विच ऑफ बताने लगा। पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए कॉल करने वाले व्यक्ति की तलाश शुरू कर दी है।

प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि यूपी काॅप एप के जरिए ठग वादी मुकदमा का नंबर तलाश कर उनसे ठगी करने के लिए काल करते हैं।

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ठगी से बचने के लिए यह करें

-प्रत्येक एफआईआर में विवेचक और प्रभारी निरीक्षक का नाम और मोबाइल नंबर रहता है। इस तरह की कॉल आने पर उसे तत्काल विवेचक या थाना प्रभारी से फोन पर या स्वयं मिलकर साझा करें।
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-कोई भी सरकारी कर्मचारी या पुलिस कर्मी फोन पर बात कर रिश्वत की मांग या रकम ऑनलाइन ट्रांसफर कराने को नहीं कहेगा।

-फोन पर अंजान व्यक्ति को किसी भी दशा में रुपये ट्रांसफर न करें।

-इस तरह की फोन कॉल आने पर उसकी रिकार्डिंग जरूर कर लें। इससे पुलिस को ठग की पहचान करने में आसानी होगी।

(जैसा कि प्रभारी निरीक्षक ने बताया)
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