अल्हागंज। निबऊनगला गांव के बाहर रविवार को सुबह एक हिरन घायल हालत में मिला। गांव वालों ने वन विभाग को सूचना दी। सूचना पाकर गांव पहुंची वन विभाग की टीम ने घायल हिरन को स्थानीय पशु अस्पताल ले जाकर उसका प्राथमिक उपचार कराया, लेकिन बेहतर इलाज के लिए ले जाते समय उसकी मौत हो गई।
ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के करीब तीन घंटे बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घायल हिरन को रस्सियों से बांधकर ई-रिक्शा से ले गए। उनका कहना है कि वन कर्मी घायल हिरन को सुरक्षित तरीके से ले जाते तो उसकी मौत नहीं होती। हालांकि, वन विभाग के जलालाबाद में तैनात रेंजर विशाल रावत ने ग्रामीणों का आरोप खारिज करते हुए कहा कि सूचना मिलते ही विभागीय टीम को मौके पर भेज दिया गया था। उन्होंने बताया कि घायल हिरन को प्राथमिक उपचार से फायदा न होने पर हायर सेंटर ले जाते समय उसकी मौत हो गई। रेंजर के अनुसार हिरन के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। संवाद