शाहजहांपुर। रोजा इंडस्ट्रियल एरिया और जमौर औद्योगिक संस्थान में स्थापित इकाइयां लीज की जमीन पर बनी हैं। इन इकाइयों के उद्यमियों को लीज की जमीन के चलते छोटी-छोटी दुश्वारियों से जूझना पड़ रहा है। सरकारी बैंक से उन्हें लोन तक नहीं मिलता। धंधा बदलने तक के लिए उन्हें उद्योग केंद्र के चक्कर लगाने पड़ते हैं। उद्यमियों ने शासन से जमीनों को फ्री होल्ड की मांग की है।
रोजा में करीब 50 और जमौर में 100 से अधिक औद्योगिक इकाइयों के लिए जमीन उद्यमियों को 99 साल के लिए लीज पर मिली हैं। इन इकाइयों के मालिकों को लीड बैंक लीज की जमीन पर लोन तक देने के लिए तैयार नहीं हैं। बैंक का स्पष्ट जवाब है कि भूमि उद्योग केंद्र व यूपीसीडा की है। आईआईए अध्यक्ष गुरजीत सिंह मोंगा ने बताया कि लीज की जमीन के चलते उद्यमी अपनी इकाई का स्वरूप या दूसरी फैक्टरी तक लगाने के लिए स्वतंत्र नहीं है। उसे पहले उद्योग केंद्र के चक्कर लगाकर अपने कागजों पर प्रक्रिया को पूर्ण करानी होगी। इसलिए आईआईए जमीनों को फ्री होल्ड करने की मांग प्रमुखता से उठा रही है। फ्री होल्ड होने से जमीन का मालिकाना हक उद्यमी को मिलने से वह अपना कार्य आसानी से कर सकेंगे।
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नहीं बन सका निजी औद्योगिक पार्क
-जिले में निजी औद्योगिक पार्क नहीं बन सकी है। शुरुआत में कुछ लोगों ने निजी पार्क के लिए आवेदन किया था, लेकिन बात आगे नहीं बढ़ सकी है। उद्यमियों की मानें तो पार्क बनाने के लिए सड़क, निर्माण, बिजली आदि का खर्च अधिक आएगा। इसीलिए कोई आगे नहीं आ रहा।
-जमीनों को फ्री होल्ड कराने के लिए पूरे उत्तर प्रदेश में आईआईए ने मुहिम चला रखी है। इसके लिए अधिकारियों से लेकर मंत्री तक से मुलाकात की गई। आशा है कि हमारी मांग जल्द पूरी होगी।
गुरजीत सिंह मोगा, चैप्टर चेयरमैन, आईआईए