शाहजहांपुर। तापमान में उछाल आने के साथ ही विद्युत उपकेंद्रों पर लोड बढ़ने से लोकल फॉल्ट और ट्रिपिंग की समस्या बढ़ गई है। इस कारण औद्योगिक इकाइयों पर प्रभाव पड़ रहा है। एक बार लाइट जाने से उद्यमियों को काफी नुकसान सहन करना पड़ रहा है। बिजली के संकट को लेकर उद्योग बंधु की बैठक में भी मुद्दा उठता रहा है।
जिले में रोजा औद्योगिक क्षेत्र व जमौर में लगभग 80 इकाइयां स्थापित हैं। गर्मी आने के बाद इन इकाइयों में कार्य गति नहीं पकड़ पा रहा है। अटसलिया क्षेत्र में लंबी लाइनों और पुराने जर्जर तारों की वजह से रोजाना ही आठ से दस बार ट्रिपिंग या फॉल्ट आने की समस्या रहती है। इसी तरह जमौर की भी यही हालत है।
उद्यमियों के अनुसार, एक बार फॉल्ट आने पर आधे से एक घंटे का समय मशीन को दोबारा से चलाने में लग जाता है। समय के नुकसान के साथ ही मशीन में कच्चा माल फंसने से भी नुकसान होता है। औद्योगिक क्षेत्रों की लाइनों को अलग करने की लंबे समय से मांग चल रही है। उसके बाद भी सुनवाई नहीं हो रही है। अटसलिया क्षेत्र के उद्यमियों को राहत देने के लिए उपकेंद्र का निर्माण होना है। इसका शिलान्यास भी हो चुका है, लेकिन इसका फायदा अगले वर्ष मिलने का अनुमान है।
जेई अनुज प्रताप सिंह ने बताया कि औद्योगिक इलाके में बिजली की समस्या का मामला संज्ञान में नहीं है। किसी को दिक्कत है तो संबंधित शिकायत करें। उसका समाधान कराया जाएगा।
उद्योगों को बिजली देने वाले नए उपकेंद्र बन रहे हैं, जबकि पुराने सही से बिजली नहीं दे पा रहे हैं। तीन बार आई आंधी और बारिश के चलते दो-दो दिन तक जमौर क्षेत्र की इकाइयां बंद रहीं। एक घंटे के लिए बिजली जाने पर छह घंटे के बराबर नुकसान होता है। बिजली की स्थिति काफी ज्यादा खराब है।
-रोहित गोयल, सचिव, आईआईए
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ट्रिपिंग के चलते मशीनों के विद्युत चलित पार्ट खराब हो जाते हैं। खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों में कच्चा माल फंसने के चलते उसके अगले हिस्से को खोलकर साफ करना पड़ता है। इसके चलते काफी नुकसान होता है। अटसलिया क्षेत्र में तो दिन में आठ से दस बार ट्रि्पिंग होना आम बात है। शटडाउन होने से काफी नुकसान हो रहा है।
- गुरजीत सिंह मोगा, मंडलीय अध्यक्ष आईआईए
गुरजीत सिंह मोगा