शाहजहांपुर। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास का कार्य धीमी गति से चल रहा है। प्लेटफॉर्म नंबर एक पर जगह-जगह गड्ढे, उबड़-खाबड़ रास्ते और खुले चैंबर यात्रियों के लिए खतरा बने हुए हैं। मंडलीय अधिकारियों के लगातार निरीक्षण और जल्द कार्य पूरा करने के निर्देश के बाद भी निर्माण कार्य रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है।
शाहजहांपुर स्टेशन से प्रतिदिन 13 हजार से अधिक यात्री आवागमन करते हैं। करीब 45 सवारी ट्रेनों का यहां ठहराव या आवागमन होता है। स्टेशन के पुनर्विकास के लिए 31.82 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे। रेलवे की ओर से 80 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा होने का दावा किया जा रहा है।
कार्य पूरा करने का लक्ष्य वर्ष 2027 रखा गया है। एनएसजी-3 श्रेणी के स्टेशन पर वर्ष 2022 में पुनर्विकास कार्य शुरू हुआ था। पहले प्लेटफॉर्म नंबर दो और तीन का कार्य कराया गया। अब प्लेटफॉर्म नंबर एक पर निर्माण चल रहा है। बृहस्पतिवार को स्टेशन पर पड़ताल के दौरान कई खामियां सामने आईं। प्लेटफॉर्म नंबर एक पर प्रस्तावित दो ओवरब्रिज का निर्माण कई महीने बाद भी पूरा नहीं हो सका था।
जीआरपी थाने के पास एस्केलेटर के लिए खोदे गए गड्ढे में गिरकर युवक की मौत के बाद बैरीकेडिंग तो करा दी गई, लेकिन उसके आसपास रास्ता अभी भी उबड़-खाबड़ है। निर्माणाधीन ओवरब्रिज के नीचे कच्ची जमीन में निकली पट्टी से यात्री टकराकर गिर रहे हैं। आगे खुले चैंबर में पैर पड़ने से हादसा होने का खतरा बना हुआ है।
पावर केबिन से पहले निर्माणाधीन दीवार को लकड़ी की बल्ली के सहारे रोका गया है। पावर केबिन के पास ईंट और रोड़े पड़े हैं। पार्सल कार्यालय के पास भी चैंबर खुला है। रात के समय यहां हादसे की आशंका और बढ़ जाती है।
ढाई महीने में ही चटकने लगा पार्सल कार्यालय
प्लेटफॉर्म नंबर एक पर बना पार्सल कार्यालय पावर केबिन के पास नए भवन में शिफ्ट किया गया है। नए भवन का निर्माण 14 जुलाई को शुरू कराया गया था। करीब ढाई महीने में ही भवन के अंदर का फर्श उखड़ने लगा है। कई स्थानों पर दीवारों में दरारें भी दिखाई दे रही हैं। इससे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।
सर्कुलेटिंग एरिया का काम भी धीमा
मुख्य प्रवेश गेट के सर्कुलेटिंग एरिया को पूर्वोत्तर रेलवे की ओर जोड़ने का काम कई महीनों से चल रहा है। महाप्रबंधक के निरीक्षण के दौरान भी कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अब तक काम पूरा नहीं हुआ है। दूसरी ओर सेकंड इंट्री पर भवन निर्माण का कार्य चल रहा है।
प्लेटफॉर्म दो और तीन पर शौचालय नहीं
प्लेटफॉर्म नंबर दो और तीन पर शौचालय की सुविधा नहीं है। इसके लिए जनप्रतिनिधियों ने रेलवे अधिकारियों से पत्राचार किया है। वहीं प्लेटफॉर्म नंबर दो पर पावर केबिन के सामने टिनशेड नहीं होने के कारण यात्रियों को खुले में खड़े होकर ट्रेनों का इंतजार करना पड़ता है।
यात्रियों की बात
अक्सर अमृतसर और लखनऊ आना-जाना होता है। रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर काफी अव्यवस्थाएं हैं। वहां निर्माण कार्य भी काफी धीमी गति से चल रहा है।
-राहुल दीक्षित, इंद्रानगर
निर्माण कार्य में बुनियादी बातों को नजरअंदाज किया जा रहा है। काम चलने के बावजूद प्लेटफॉर्म पर चैंबर खुले हैं। वहां जानवर भी घूमते रहते हैं। अफसरों को कार्य समय से पूरा कराना चाहिए।
-सैयद सैफ रहमान, बाडूजई प्रथम
परियोजना की समग्र भौतिक प्रगति लगभग 80 प्रतिशत है। सभी कार्यों को फरवरी 2027 तक पूर्ण किए जाने का लक्ष्य निर्धारित है। वर्तमान में मुख्य प्रवेश क्षेत्र, द्वितीय प्रवेश स्टेशन भवन व 7.26 मीटर चौड़े ओवरब्रिज के फिनिशिंग कार्य प्रगति पर हैं। स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया में सड़क निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। बारिश के कारण निर्माण कार्य में कुछ रुकावट आई थी।
-महेश यादव, सीनियर डीसीएम मुरादाबाद
रेलवे स्टेशन पर पार्सल कार्यालय के बाहर खुला चैंबर। संवाद
रेलवे स्टेशन पर पार्सल कार्यालय के बाहर खुला चैंबर। संवाद
रेलवे स्टेशन पर पार्सल कार्यालय के बाहर खुला चैंबर। संवाद
रेलवे स्टेशन पर पार्सल कार्यालय के बाहर खुला चैंबर। संवाद
रेलवे स्टेशन पर पार्सल कार्यालय के बाहर खुला चैंबर। संवाद