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कर का गलत आंकलन करने पर लगेगा जुर्माना

Thu, 14 Apr 2016 11:27 PM IST
ब्यूरो /शाहजहांपुर
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नगरपालिका परिषद बोर्ड द्वारा 50 फीसदी टैक्स दरों में कटौती के साथ स्वीकृत संशोधित स्वकर व्यवस्था लागू कर दी गई है। इसके तहत भवन स्वामी को पालिका द्वारा तय प्रारूप में अपने मकान का ब्योरा देते हुए कर के आंकलन को अंकित कर जमा करना होगा। साथ ही कारपेट एरिया का ब्योरा भी जमा करना होगा। यह औचक जांच में गलत पाए जाने पर एक हजार रुपये तक का जुर्माना होगा। यही नहीं कम जमा किया गया टैक्स उसी तिथि से 12 फीसदी ब्याज सहित वसूला जाएगा। यहां पालिका परिषद में दर्ज मोहल्लों की संख्या 64 है। इनमें करीब 46 हजार मकान हैं, जो स्वकर के दायरे में हैं। लागू हुई व्यवस्था में कारपेट एरिया में परिषद की ओर भवन स्वामियों को राहत दी गई है। इसके तह बाथरूम, शौचालय, पोर्टिको और जीने के आच्छादित भूभाग इस एरिया में नहीं जुड़ेंगे। भवन किराए पर देने या रिक्त होने एवं निर्माण या पुनर्निर्माण में आच्छादित एरिया 25 फीसदी या अधिक बढ़ने पर कारपेट एरिया का नया विवरण सात दिनों में जमा करना अनिवार्य है। इस नई व्यवस्था के तहत स्वकर निर्धारण के विवरणों की कुल संख्या का न्यूनतम 25 फीसदी का औचक जांच पालिका परिषद कराएगी। उसमें क्षेत्रफल के किसी भाग को छुपाने या दरों के त्रुटिपूर्ण विवरण से संपत्ति कर की देयता में होने वाले अंतर के चार गुने तक की दंड आरोपित करने का प्राविधान है। अधिशासी अधिकारी मुनेंद्र सिंह राठौर ने बताया कि भवन स्वामियों को स्वकर प्रणाली के संबंध जागरूक करनेे पर फोकस किया गया है। पालिका स्टाफ की ओर से भवन स्वामियों को स्वकर का फार्म मुहैया कराया जा रहा है, ताकि वे खुद ही अपने कर का आकलन कर जमा करा दें। उसके लिए कोई अंतिम तिथि नहीं रखी गई है। जो भवन स्वामी स्वकर निर्धारण विकल्प नहीं अपनाएंगे, उनके कर का निर्धारण कर पालिका की ओर से वसूली की कार्यवाही होगी। 
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ऐसे करें भवन टैक्स की गणना
1. कमरे, ड्राइंग रूम और आच्छादित बरामदे की लंबाई गुणा चौड़ाई का सौ फीसदी।
2. किचन, स्टोर, बालकनी और कारीडोर के लंबाई गुणा चौड़ाई का 50 फीसदी।
3. गैराज का लंबाई गुणा चौड़ाई का 25 फीसदी। 

नई व्यवस्था में करदाताओं को राहत
1. यदि भवन 10 वर्ष से अधिक पुराना नहीं है तो उसका वार्षिक मूल्य अवधारित मूल्य से 25 फीसदी कम, 10 वर्ष से अधिक लेकिन 20 वर्ष से कम पुराना है तो 32.50 फीसदी कम एवं 20 वर्ष से अधिक पुराना है तो 40 फीसदी कम समझा जाएगा।
2. किराए पर उठाया गया आवासीय भवन यदि 10 वर्ष से अधिक पुराना नहीं है तो वार्षिक मूल्य अवधारित मूल्य से 25 फीसदी, यदि 10 वर्ष से अधिक लेकिन 20 वर्ष से कम पुराना है तो 12.5 फीसदी अधिक समझा जाएगा। यदि वह 20 वर्ष से अधिक पुराना है तो वार्षिक मूल्य अवधारित मूल्य के बराबर समझा जाएगा।
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14 मोहल्ले सबसे महंगे
खिरनी बाग, मिशन कंपाउंड, आफीसर कालोनी, इंदिरा नगर कालोनी, बहादुरगंज, कृष्णा नगर, सदर बाजार, सिविल लाइंस, गांधी कालोनी, भारद्वाजी कालोनी, तारीन बहादुरगंज, बाजार बहादुरगंज, बहादुरगंज और शास्त्री नगर कालोनी में 10 मीटर से अधिक चौड़े मार्ग पर स्थित पक्के भवनों का किराया दर सबसे ज्यादा 1.90 रुपये प्रति वर्ग फीट प्रति माह रखी गई है। इसके बाद 1.60 रुपये प्रति वर्ग फीट प्रति माह के किराए वाले मोहल्लों में अजीजगंज, नवादा, दिलाजाक, आर्य नगर कालोनी, रामनगर कालोनी, बृजबिहार कालोनी, बाडूजई द्वितीय, बाडूजई पेशावरी, मोहम्मद जई, खलील शर्की, दलेलगंज, दीवान जोगराज, आवास विकास कालोनी, लाला तेली बजरिया, कच्चा कटरा, दिलावरगंज, भाटन टोला, हुंडाल खेल, फ्रेंड्स कालोनी, खलील गर्बी, शाह कालोनी, कंटिया टोला, बाडूजई प्रथम, प्रेमनगर कालोनी, रेलवे कालोनी, सुभाष नगर कालोनी, टीचर्स कालोनी, काजी खेल, महमंद जलालनगर, बक्सरिया, मस्जिदगंज, कूंचा लाला, अफरीदी, रंगमहला, घूरनतलैया और बाकरजई शामिल हैं।
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