प्रशासन से कर्तव्य समझकर खजुरी का विकास कराने का अनुरोध
पश्चिमी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ ने कहा कि अमर बलिदानी का यह गांव देश के सर्वोच्च विजेता के पदक की जन्मभूमि है। इसलिए इसका विकास प्रशासन सहित हम सभी को अपना कर्तव्य समझकर करना चाहिए। यह स्मारक राजपूत रेजीमेंट के कमांडेंट, क्षेत्रीय विधायक, ग्राम प्रधान और प्रशासन के अथक प्रयासों से मूर्त रूप ले सका है। स्मारक युवाओं को देशभक्ति और देशप्रेम का संदेश देता रहेगा। जदुनाथ के बलिदान की गाथा राजपूत रेजीमेंट व भारत के इतिहास में दर्ज है। उनकी कुर्बानी के लिए भारतीय सेना व देश हमेशा कृतज्ञ रहेगा।
इससे पूर्व, रोजी पब्लिक स्कूल के बच्चों ने अतिथियों के सम्मान में स्वागत गीत और देश प्रेम पर आधारित अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी। कार्यक्रम स्थल पर सेवानिवृत्त भूतपूर्व सैनिकों के परिवारजनों व ग्रामीणों के लिए सेना की ओर से निशुल्क स्वास्थ्य शिविर भी लगाया गया। स्वास्थ्य शिविर में सैकड़ों ग्रामीणों ने सेना की मेडिकल कोर से अपने स्वास्थ्य की जांच कर निशुल्क दवाएं लीं। कार्यक्रम में शाहजहांपुर छावनी के ब्रिगेडियर जतेंद्र सिंह जसरोटिया, एसडीएम चित्रा निर्वाल, सीओ अमित चौरसिया, थाना अध्यक्ष अशोक कुमार व प्रभाष चंद्र आदि मौजूद रहे।
बलिदानी के परिजनों को अंगवस्त्र देकर किया सम्मानित
कार्यक्रम में अमर बलिदानी की भाभी व बड़े भाई शिशुपाल सिंह की पत्नी गुना देवी, भतीजे रामसेवक सिंह, पोप सिंह उर्फ गोरे, सुरेंद्र सिंह, सत्येंद्र सिंह, मुनेंद्र सिंह, मेंबरपाल सिंह, नेत्रपाल सिंह, रणधीर सिंह, बबलू सिंह, सुनील सिंह, सोनू सिंह, बड़े सिंह, मदनपाल सिंह आदि उनके परिवार के सदस्यों से मुख्य अतिथि सहित राजपूत रेजीमेंट के ब्रिगेडियर व कर्नल अंशुमन त्रिपाठी ने भेंट वार्ता की। सेना के अधिकारियों ने जदुनाथ सिंह के परिवार के सदस्यों सहित कार्यक्रम में मौजूद सेवानिवृत्त सूबेदार मेजर पहलवान सिंह, जागेश्वर प्रसाद व धर्मेंद्र प्रताप सिंह को अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया।