त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को निर्विघ्न संपन्न कराने के लिए बड़े स्तर पर शाहजहांपुर पुलिस ने बवालियों का चार्ट तैयार कर उनकी निगरानी शुरू कर दी है। जिले की कुल 1077 ग्राम पंचायतों में करीब सवा 32 हजार अवांछनीय, खुराफाती और असामाजिक तत्व इस सूची में शामिल हैं। अर्थात हर ग्राम पंचायत में औसतन करीब 30 लोग ऐसे हैं जो चुनाव में खलल डाल सकते हैं। इन्हें सर्विलांस पर डाल दिया गया है।
पुलिस द्वारा तैयार इस चार्ट में जिले में सांप्रदायिक उन्माद फैला सकने वाले करीब 200 लोग शामिल हैं। इसमें विभिन्न संप्रदाय और समुदाय से जुड़े लोग हैं जिनमें कई तो रसूखदार भी हैं। इनकी गतिविधियां इस समय थाना स्तर और एलआईयू के स्तर पर लगातार जिला मुख्यालय के रडार पर हैं। बूथ और निर्वाचन क्षेत्र स्तर पर अशांति फैलाने वाले तत्वों पर पैनी निगरानी करने को भी ब्योरा तैयार हुआ है। इसमें प्रत्याशी के समर्थन में प्रचार या निर्वाचन की कमान संभालने वाले लोग से लेकर समर्थक भी हैं। नौ अक्तूबर को जिले में होने वाले पहले चरण के जिला और क्षेत्र पंचायत वार्ड सदस्य पद के लिए मतदान से पहले ऐसे करीब सवा चार हजार लोग चिन्हित हुए हैं। इनकी गतिविधियों का रोजाना अपडेट लिया जा रहा है।
यह सूची तैयार करने के लिए जिला पुलिस की टीम ने बीते 10 वर्ष का रिकार्ड खंगाला है। उसके आधार पर सामने आए नामों का थाना, हलका और सिपाहियों के बीट के स्तर पर सत्यापन करने के बाद चार्ट को अंतिम रूप दिया गया। एसपी बबलू कुमार ने रविवार को बताया कि लक्ष्य बस यही है निर्वाचन के दौरान कहीं भी कोई समस्या, विवाद आदि की स्थिति हो तो सूचना मिलने के पांच से 10 मिनट के भीतर पुलिस मौके पर पहुंच जाए एवं प्रभावी तौर पर तत्काल प्रकरण को निस्तारित कर दिया जाए। बवाली पहले से ही चिन्हित और पाबंद हैं और अगर फिर भी अशांति फैलाते पाए तो उनसे मुचलका पाबंद की वसूली की पूरी राशि वसूलने की कार्रवाई करते हुए हवालात में डाला जाएगा।
वोटर ढोने वाली गाड़ियां
सीज होंगी, होगी जेल
शाहजहांपुर। जिले में हो रहे पंचायत चुनाव के दौरान आचार संहिता का कड़ाई से अनुपालन कराने के क्रम में जिला निर्वाचन अधिकारी डीएम शुभ्रा सक्सेना और एसपी बबलू कुमार ने प्रत्याशियों को दो टूक संदेश दिया है कि मतदान वाले दिन वाहनों से वोटरों को बूथ तक ढोने सरीखे अनुचित साधनों के इस्तेमाल से बचें। अन्यथा की सूरत में वाहन को सीज किया जाएगा और वाहन के साथ ही वाहन मालिक का चालान करते हुए जेल भी भेजा जाएगा। ऐसे वाहनों का इस्तेमाल कराने वालों का भी नाम सामने आने पर तत्काल उनके खिलाफ भी संपूर्ण विधिक कार्रवाई करते हुए हवालात में डाला जाएगा।