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Shahjahanpur News: सात माह में 65,249 क्विंटल फलों की जनपद में हो गई खपत

Sat, 29 Nov 2025 11:17 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
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बाजार में बिकने के लिए रखे फल। संवाद
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रोजा। गर्मियों का सीजन शुरू होते ही सेहत को लेकर संजीदा लोगों में फलों की मांग बढ़ जाती है। इस वर्ष अप्रैल से अक्तूबर तक सात माह में जनपद के लोग 65 हजार 249 क्विंटल फल खा गए, जबकि गत वर्ष इसी अवधि में 16,995 क्विंटल फलों की बिक्री कम हुई थी।
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दो दशक पहले तक लोग आम, अमरूद, केला, पपीता आदि स्थानीय फलों पर निर्भर रहते थे, लेकिन अब कीवी, ड्रैगन फ्रूट, अनानास, संतरा, मुसम्मी आदि फलों ने भी स्थानीय मंडी में पैठ बना ली है। वहीं, दक्षिण भारत का नारियल पानी भी जनपद में लोकप्रिय हो रहा है।

फलों की माह वार तुलनात्मक खपत (क्विंटल में)
-
माह वर्ष 2024 वर्ष 2025
-
अप्रैल 4699 5723
मई 11906 14474

जून 13774 14036
जुलाई 5681 7101
अगस्त 4013 6855
सितंबर 3899 8917
अक्तूबर 4282 8145

कई राज्यों और शहरों से हो रही फलों की आवक
रोजा मंडी में फलों के थोक कारोबारियों के अनुसार मंडी में फलों की आवक प्रदेश के कई जनपदों समेत देश के अनेक राज्यों से होती है। खजूर खाड़ी देशों से आयात होने के कारण उसका उठान बंदरगाहों से होता है। अन्य विदेशी फल दिल्ली से यहां पहुंच रहे हैं। गर्मियों में मंडी में ज्यादातर स्थानीय तरबूज और खरबूज की आवक होती है। आम की मांग मलिहाबाद के अलावा हरदोई जिले के शाहाबाद और लखीमपुर खीरी के मोहम्मदी क्षेत्र से पूरी होती है। सेव की आवक जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश से हो रही है, जबकि अनार व अंगूर महाराष्ट्र से और नारियल पानी लखनऊ-कानपुर की थोक मंडियों से आ रहा है।
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विगत वर्ष के मुकाबले फलों की खरीद-फरोख्त बढ़ी है। हर महीने आठ से नौ हजार क्विंटल फलों की खरीद-फरोख्त होती है। गर्मी में खपत बढ़ जाती है।
रिंकूलाल कश्यप, सचिव, मंडी समिति रोजा
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