ददरौल ब्लॉक के लोहिया समग्र ग्राम इटौरा में अपात्रों को आवास स्वीकृत करने संबंधी ग्रामीणों की शिकायत प्रभारी सीडीओ द्वारा कराई गई स्थलीय जांच में सही पाई गई। बृहस्पतिवार को जांच करने इटौरा पहुंचे पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी वीरपाल ने कुछ ऐसे लोगों के पक्के मकान बने पाए जिनके नाम लाभार्थी सूची में दर्ज हैं।
झोपड़ियों में गुजर-बसर करने वाले इटौरा के तमाम ग्रामीणों ने पिछले दिनों गांव के ही रहने वाले युवा कांग्रेस के पूर्व लोकसभा क्षेत्र अध्यक्ष रोहित सिंह और शहर विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष फुरकान कुरैशी के साथ प्रभारी सीडीओ प्रेम प्रकाश त्रिपाठी से भेंट की थी। उन्हें ज्ञापन देकर गांव में कई अपात्रों को लोहिया आवास स्वीकृत करने की शिकायत करके बीपीएल परिवारों को ही आवास देने का आग्रह किया था।
ज्ञापन के साथ आवास के उन 42 लाभार्थियों की सूची भी संलग्न थी जिनके गांव में पक्के मकान या फिर आजीविका के लिए पर्याप्त खेती है। मामले को गंभीरता से लेते हुए सीडीओ ने पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी को जांच करने के निर्देश दिए। इसी क्रम में पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी ने गांव जाकर शिकायतकर्ताओं के बयान लिए। बाद में स्थलीय निरीक्षण शुरू किया।
मौके पर मौजूद आवास पाने से वंचित तमाम ग्रामीणों ने उन लाभार्थियों के पक्के मकान दिखाए जिनके नाम आवास की लाभार्थी सूची में भी दर्शाए गए हैं। ग्रामीणों से ऐसे करीब 15 नाम सूची से खारिज करके नियम विरुद्घ तरीके से आवास सूची बनाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उधर, कांग्रेस नेता रोहित ने जांच पर असंतोष जताते हुए कहा कि बीडीओ और पंचायत सचिव की मिलीभगत से कई अपात्रों को मकानों की धनराशि भी एलाट कर दी गई जिसकी वापसी की अफसरों से मांग की जाएगी।
आवास सूची में कराया जाएगा संशोधन
‘इटौरा में आवास आवंटन में उतनी गड़बड़ियां नहीं मिलीं जितनी शिकायतकर्ताओं ने बताई थीं। कुछ लाभार्थी आवासों के पात्र नहीं पाए गए हैं। ऐसे मामलों की जांच पूरी करके जरूरी हुआ तो आवास सूची में संशोधन कराया जाएगा।’
-वीरपाल, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी