एसएस कॉलेज में बीएड छात्रों के द्वितीय चरण के प्रशिक्षण का समापन हो गया। समापन अवसर पर शिक्षाविद केशवचंद्र मिश्र ने कहा कि ज्ञानपूर्ण समाज के निर्माण में शिक्षक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। किसी भी देश की उन्नति उस देश के शिक्षकों पर निर्भर करती है।
उन्होंने कहा कि ज्ञान एक ऐसी शक्ति है, जिसके सदुपयोग से मनुष्य का कल्याण हो सकता है, वहीं दुरुपयोग विनाश का कारण भी बनने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने कहा कि बालक को ज्ञान देने के साथ उसके व्यक्तित्व का समग्र निर्माण करना शिक्षक का प्रमुख कार्य है। इसी दृष्टि से शिक्षक ईश्वर का ही दूसरा रूप होता है। ईश्वर जहां संसार का निर्माण करता है, वहीं उसकी बनाई सृष्टि को सुंदर बनाने का काम शिक्षक करता है। विशिष्ट अतिथि देवी प्रसाद इंटर कॉलेज मे प्रधानाचार्य ललित मोहन ने कहा कि शिक्षक की महत्ता समाज में सदैव ही रही है। इसलिए उसे हमेशा आदर्श की भूमिका में ही रहना चाहिए।
इस अवसर पर डॉ. एसजे सिंह, डॉ. प्रशांत अग्निहोत्री, डॉ. एसएल गुप्ता आदि ने भी विचार व्यक्त किए। एमएड छात्रा अदिति सक्सेना के संचालन में हुए कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष डॉ. एमके वर्मा ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में डॉ. मीना शर्मा, डॉ. रत्ना गुप्ता, डॉ. विनीत श्रीवास्तव, डॉ. शैलजा मिश्रा, शेषमणि त्रिपाठी, चंद्रवीर सिंह, गौरव पांडेय, नवाब अली अंसारी आदि मौजूद रहे।