शाहजहांपुर। दुर्गोत्सव के समापन पर बुधवार को खिरनीबाग स्थित कालीबाड़ी मंदिर और रामचरन धर्मशाला में सिंदूरोत्सव हुआ। महिलाओं ने एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर पर्व की खुशियां साझा कीं। इसके बाद ढोल-ताशों के साथ माता की मूर्तियों की विसर्जन शोभायात्राएं निकाली गईं। जगह-जगह फूल बरसाकर शोभायात्राओं का स्वागत किया गया।
कालीबाड़ी मंदिर में सुबह से पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ रही। दोपहर में सिंदूरोत्सव के बाद देवी मूर्तियों को ट्रैक्टरों पर रखा गया। शोभायात्रा सदर चौराहा, बहादुरगंज, घंटाघर, केरूगंज, खोयामंडी, छाया कुआं, पुराना जिला अस्पताल, अंटा चौराहा और जीआईसी चौराहा होते हुए खन्नौत नदी पहुंची, जहां मूर्ति का विसर्जन किया गया। इस दौरान फाउंडेशन अध्यक्ष सीमा मुखर्जी, सुनील कुमार देवनाथ, सुनीत दत्ता, डॉ. विजय बारोई, मनोज राय और मधुसूधन मौजूद रहे।
रामचरन धर्मशाला से भी सिंदूरोत्सव के बाद शोभायात्रा निकाली गई। इसमें देवस्वरूपों को सजाकर शामिल किया गया। शोभायात्रा सदर बाजार, बहादुरगंज, घंटाघर, कच्चा कटरा मोड़, केरूगंज खोयामंडी, बेरी चौकी, अंटा चौराहा और खिरनीबाग चौराहा होते हुए जीआईसी तिराहा पहुंची। यहां से लोधीपुर स्थित खन्नौत नदी पहुंचकर जयकारों के बीच माता की मूर्ति का विसर्जन किया गया।
इस दौरान शिवम अग्रवाल, सुनील अग्रवाल, डॉ. विजय पाठक, विशाल यादव, विवेक सक्सेना, नीरज वाजपेयी, शांति गुप्ता, अमित गुप्ता और गोविंद गुप्ता मौजूद रहे।
ओसीएफ में भी सिंदूरोत्सव के साथ मां दुर्गा को दी गई विदाई
शाहजहांपुर। ओसीएफ फैक्टरी स्टेट में 71वीं दुर्गा पूजा के तहत विजयदशमी पर सिंदूरोत्सव का आयोजन किया गया। महिलाओं ने मां दुर्गा को सिंदूर अर्पित किया और एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर खुशियां साझा कीं।
टीसीएल ग्रुप महिला कल्याण की अध्यक्ष शिल्पा डोईफोडे ने मां दुर्गा को सिंदूर अर्पित किया। महाप्रबंधक श्रीकांत डोईफोडे ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर मां दुर्गा से अगले वर्ष फिर आने की प्रार्थना की। इसके बाद माता को भावभीनी विदाई दी गई। जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया और श्रद्धालु भावुक नजर आए।
आयोजन में दुर्गा पूजा समिति की नीतू अधिकारी, सुजया बोस, पदमा, नीति, प्रियंका, सरिता देवल, नीलम, गीता, वर्षा, सीमा और किरण ने सहयोग किया।
कालीबाड़ी मंदिर में नृत्य करतीं महिलाएं। संवाद
कालीबाड़ी मंदिर में नृत्य करतीं महिलाएं। संवाद
कालीबाड़ी मंदिर में नृत्य करतीं महिलाएं। संवाद
कालीबाड़ी मंदिर में नृत्य करतीं महिलाएं। संवाद
कालीबाड़ी मंदिर में नृत्य करतीं महिलाएं। संवाद