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अवैध अनलोडिंग पर ट्रांसपोर्टरों का हंगामा

Wed, 29 Jul 2015 09:31 PM IST
रोजा।
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रेलवे साइडिंग पर अनलोडिंग के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली का उपयोग होने पर ट्रांसपोर्टर भड़क उठे। उन्होंने जमकर हंगामा काटा और चक्का जाम कर दिया, जिससे रेलवे से आई सीमेंट रैक की अनलोडिंग का काम करीब तीन घंटे बाधित रहा।
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जानकारी के अनुसार बुधवार को रोजा रेलवे साइडिंग पर झांसी से एक सीमेंट की रैक आई थी, जिसकी अनलोडिंग के लिए सीमेंट व्यापारी ने स्थानीय ट्रांसपोर्टरों को न लगाकर नॉनकामर्शियल ट्रैक्टर-ट्रालियों और गैर जनपदों से वाहनों को मंगवाकर माल ढुलाई शुरू करा दी थी।
इसकी सूचना जनता ट्रक स्वामी वेलफेयर एसोसिएशन के आसिफ खां, खालिद खां और अमर गुप्ता को लगी तो वह दर्जनों ट्रकों के साथ रेलवे साइडिंग पहुंच गए और हंगामा करते हुए ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से हो रही अनलोडिंग रुकवा दी। काफी देर तक सीमेंट व्यवसायी ऋषि कपूर से भाड़े को लेकर उनकी नोकझोंक भी होती रही।
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ट्रक स्वामी एसोसिएशन के अध्यक्ष जगतबंधु रघुवंशी का कहना है कि ट्रक स्वामियों को उचित भाड़ा नहीं मिल पा रहा है। व्यापारी डाला ओर कमीशन के रूप में दो से तीन हजार रुपये की कटौती करते हैं।
दोपहर बाद सीमेंट व्यवसायी ऋषि कपूर और एसोसिएशन के बीच समझौता हो गया, जिसके बाद ही साइडिंग पर काम शुरू हो सका। प्रदर्शन करने वालों में रितेश सक्सेना, मनीस, रामकरन अग्रवाल, मो. आसिफ, खालिद खां, इब्बन मियां, निराले, अतीक अहमद, हरेंद्र सिंह, रामकिशोर दीक्षित आदि शामिल थे ।

व्यापारियों की मोनोपोली चल रही है। एआरटीओ भी आंख मूंदे बैठा है। ट्रैक्टर-ट्रालियों से लोडिंग अनलोडिंग का काम अवैध है। ट्रक स्वामियों को व्यापारी भाड़ा नहीं देते। ऊपर से डाला की वसूली भी करते है, जिसे रोका जाना चाहिए।
- मो. हनीफ, ट्रक स्वामी

भाड़े को लेकर ट्रक स्वामियों के बीच मतभेद थे। ट्रकों से माल अनलोड कराने में हमें नुकसान होता है, इसलिए ट्रैक्टर-ट्रालियों से माल ढुलवाया जा रहा था। हालांकि दोपहर को हमारा समझौता हो गया है।
- ऋषि कपूर, सीमेंट व्यवसायी
 
व्यवसायिक उपयोग में लगी हैं सैकड़ों ट्रैक्टर-ट्रॉलियां
रोजा। परिवहन विभाग की लापरवाही के चलते बिना पंजीयन और आउट डेटेड सैकड़ों ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का रोजा मंडी और साइडिंग में धड़ल्ले से उपयोग हो रहा है, जिससे सरकार को हर माह लाखों रुपये की राजस्व क्षति उठानी पड़ रही है। चर्चा है कि ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का पंजीयन कृषि काम के लिए होता है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि रोजा मंडी में करीब दो सौ से ज्यादा और रेलवे साइडिंग में करीब पचास ट्रैक्टर-ट्रॉलियां ऐसी हैं जो आउट डेटेड हो चुकी हैं। उनकी अवस्था जीर्णशीर्ण है और वह सड़क पर चलने की स्थिति में नहीं हैं। बावजूद इसके ओवर लोड होकर रोड पर यह वाहन धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं और पुलिस और परिवहन विभाग इन पर कोई कार्यवाही नहीं करता। ट्रक स्वामी एसोसिएशन के महामंत्री आसिफ खां ने इस पर आपत्ति जताते हुए शिकायत परिवहन आयुक्त को भेजी है। उन्होंने मांग की है कि ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का उपयोग कामर्शियल क्षेत्र में बन्द होना चाहिये, यदि उनसे कामर्शियल लोडिंग का काम होता है तो उनके स्वामियों को परिवहन नियमों के तहत ही परमिट जारी किए जाएं।
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