शाहजहांपुर। सड़कों पर अवैध रूप से चल रहे स्टैंडों से दौड़ रहे डग्गामार वाहनों से परिवहन निगम को प्रतिदिन नौ लाख रुपये के राजस्व की चपत लग रही है। डग्गामारों पर कार्रवाई करने के बजाय जिम्मेदारों ने मुंह मोड़ लिया है।
शहर में रोडवेज बस अड्डे के निकट अवैध रूप से बस अड्डे का संचालन होता है। अशफाकनगर पुलिस चौकी, पुलिस लाइन नजदीक होने के बावजूद सड़क पर लाइन से खडे़ वाहनों को टैक्सी स्टैंड के अंदर से नहीं चलवाया जा पा रहा। हनक इतनी है कि दिन में टाटा मैजिक, ऑटो और ईको व रात में रोडवेज के बगल से निजी बसें सवारियों को बैठाकर दिल्ली तक यह वाहन जाते हैं। बस अड्डे के सामने ही निजी बसों की सवारियाें की बुकिंग की जाती है।
दिल्ली रूट पर निजी बसों का संचालन होने के बावजूद इन पर लगाम नहीं कसी जा रही है। इसी तरह जीआईसी तिराहे पर अवैध रूप से टाटा मैजिक, टेंपो और ऑटो को चलाया जाता है। यहां से मोहम्मदी, लखीमपुर, सीतापुर, हरदोई, फर्रुखाबाद तक सवारी वाहन जाते हैं। सड़क पर जाम लगने से रोकने के लिए डिवाइडर की व्यवस्था होने के बावजूद एक लेन को डग्गामार वाहन घेरकर जाम लगाए रहते हैं। बावजूद इसके कार्रवाई नहीं की जाती है।
पुवायां रोड, निगोही रोड, सुभाष चौराहा, रोजा अड्डा, हरदोई बाइपास पर भी अनधिकृत रूप से अवैध स्टैंड का संचालन कर राजस्व को चपत लगाई जा रही है।
मंडलायुक्त तक ने दी चेतावनी, फिर भी नहीं हटा स्टैंड
बरेली मोड़ पर अजीजगंज चौकी के नजदीक से अवैध स्टैंड का संचालन किया जाता है। गत दिनों अनुबंधित बस मालिकों की शिकायत के बाद तत्कालीन मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने नाराजगी जताते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए थे। उसके बावजूद स्टैंड का संचालन पहले की तरह सड़क पर हो रहा है। यहां से सबसे ज्यादा ईको का संचालन होता है, जो बरेली और दिल्ली तक सवारियों को रोडवेज से कम राशि में लेकर जाकर निगम के राजस्व में सेंध लगाती हैं।
संयुक्त परिषद ने भेजा डीएम को ज्ञापन
रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के शाखा अध्यक्ष राजेश पांडेय व शाखा मंत्री विनोद मिश्रा ने डीएम को पत्र देकर बस स्टेशन, बरेली मोड़ व हरदोई बाइपास के निकट से होने वाले अनधिकृत संचालन पर रोक लगाने की मांग की है। पत्र में बताया गया है कि डग्गामार वाहनों के चलते चालक-परिचालक लक्ष्य पूर्ण नहीं कर पा रहे। इसके चलते निगम को हानि होने के साथ ही चालकों-परिचालकाें को प्रोत्साहन राशि का लाभ नहीं मिल पा रहा है। चालकों-परिचालकाें को कार्रवाई से भी जूझना पड़ता है।
मुख्यमंत्री ने अवैध स्टैंड हटाने के लिए कहा था, लेकिन शहर में पूर्व की भांति इनका संचालन हो रहा है। पुलिस के नाम पर 12 सौ रुपये टाटा मैजिक, छह से आठ सौ रुपये प्रति ऑटो चालक वसूले जा रहे हैं। यदि रुपये नहीं लिए जाते हैं तो अवैध स्टैंड क्यों नहीं हटाए जा रहे हैं? वाहनाें से अवैध वसूली बंद नहीं होने पर आंदोलन करेंगे।
- मोहम्मद नबी, अध्यक्ष-टैक्सी मेगा मैक्स वेलफेयर एसोसिएशन
मात्र दो ही स्टैंड
टीएसआई विनय पांडेय ने बताया कि रोडवेज बस स्टैंड के कुछ आगे छावनी परिषद का स्टैंड है। इसके अलावा पुलिस लाइन गेट के पास स्टैंड हैं। इसकी छावनी परिषद की ओर से रसीद दी जाती है।
यहां बने हैं अवैध स्टैंड
रोडवेज बस अड्डे के आगे अशफाकनगर चौकी की ओर जाने वाले मार्ग पर अवैध स्टैंड बना है। रोडवेज वर्कशॉप के पास, निगोही रोड, जीआईसी तिराहा, बरेली मोड़, हरदोई बाइपास, सुभाष चौराहा, रोजा अड्डा पर अवैध स्टैंड संचालित हैं।
अवैध रूप से स्टैंड का संचालन कहीं पर नहीं हो रहा है। इसे लेकर बराबर चेकिंग भी करते हैं। वाहन मिलने पर सीज और चालान की कार्रवाई की जाती है।
- संजय कुमार, सीओ यातायात
सड़क पर वाहन खड़ा कर सवारी भरने के निर्देश नहीं है। ऐसे वाहन जहां भी मिलते हैं, वहां पर कार्रवाई की जाती है। टीएसआई के साथ संयुक्त चेकिंग भी समय-समय पर करते हैं।
- सर्वेश सिंह, एआरटीओ प्रवर्तन
प्रतिदिन 31 लाख रुपये के राजस्व का लक्ष्य है, लेकिन लक्ष्य के नजदीक नहीं पहुंच पा रहे हैं। अभी तकरीबन 22 लाख रुपये रोजाना का राजस्व प्राप्त हो रहा है। डग्गामार वाहनों पर कार्रवाई के लिए एआरटीओ से वार्ता की है। जल्द ही अवैध वाहनों पर कार्रवाई शुरू की जाएगी।
- अरुण कुमार, एआरएम-परिवहन निगम
बरेली मोड़ पर ई-बस स्टॉप के सामने अवैध स्टैंड पर खड़े ऑटो और ई-रिक्शा। संवाद