पुवायां। कस्बे में अवैध खनन की जांच के लिए एडीएम ने टीम गठित करने की बात कही थी, लेकिन शनिवार शाम तक कोई भी अधिकारी अवैध मिट्टी खनन की जांच करने नहीं पहुंचा। वहीं, सिंधौली क्षेत्र में छह बीघा जमीन में अवैध मिट्टी खनन पाया गया है।
क्षेत्र में गांव बिलसिया, सुनारा, करनापुर के आसपास अवैध मिट्टी खनन हो रहा है। खुटार क्षेत्र में भी गांव चमराबोझी सहित कई स्थानों पर मिट्टी खनन किया जा रहा है। अमर उजाला में चार सितंबर को अवैध खनन को लेकर खबर प्रकाशित होने पर एडीएम वित्त एवं राजस्व ने जिलेभर में एसडीएम के नेतृत्व में टीम गठित कर अवैध खनन की जांच कराने की बात कही थी। शनिवार तक भी टीम पुवायां मेंं एक भी स्थान पर जांच करने नहीं पहुंची। जबकि, कुछ जगहों पर मिट्टी खनन होता रहा।
उधर शुक्रवार को खनन अधिकारी और नायब तहसीलदार सगीर अहमद ने सिंधौली के गांव रखिया बुजुर्ग पहुंचकर जांच की। नायब तहसीलदार ने बताया कि छह बीघा क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन पाया गया है। रिपोर्ट अधिकारियों को भेजी जाएगी। एसडीएम संजय पांडे ने टीम गठन की जानकारी से इन्कार किया है।
चमराबोझी में सात फिट गहराई तक खनन की शिकायत
खुटार। गांव चमराबोझी में काफी गहराई तक खनन कर मिट्टी डंपरों से भरकर ले जाई जा रही हैं। किसानों ने मामले की शिकायत एसडीएम से करते हुए कार्रवाई की मांग की है। गांव चमराबोझी के बलविंदर सिंह, बलजिंदर सिंह, हरजिंदर सिंह, कुलविंदर सिंह, धर्मवीर, संजीव सिंह, साबा सिंह आदि किसानों का आरोप है कि उनके खेतों के पास में जेसीबी से अवैध रूप से सात फुट गहराई तक मिट्टी खनन हो रहा है। इससे उनके खेत की मिट्टी खनन वाले खेत में बह जाने का खतरा है। मिट्टी बहने से उनकी फसल का नुकसान होने के साथ ही ऊपरी परत बह जाने से खेत भी बंजर हो सकते हैं। किसानों ने खनन की जांच कर कार्रवाई की मांग की है। संवाद
टीम गठित कर खनन की जांच के लिए अभी कोई पत्र नहीं मिला है। शुक्रवार को सिंधौली क्षेत्र में खनन अधिकारी और नायब तहसीलदार ने जांच की थी। पत्र मिलता है तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।
संजय पांडे, एसडीएम पुवायां