शाहजहांपुर। जिले में लाइसेंस न होने के बावजूद बायोडीजल पंप खुलेआम संचालित हो रहे हैं। जिला पूर्ति विभाग के अधिकारी अवैध बायोडीजल पंपों की अनदेखी कर रहे हैं। पूर्ति विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की जानकारी में होने के बाद भी इन पर कार्रवाई नहीं हो रही है।
यूपीनेडा के परियोजना अधिकारी रामाधार रावत ने बताया कि 2019 से यूपीनेडा की ओर से बायोडीजल पंप के लाइसेंस दिए जाते हैं। जिले में अब तक पंप का कोई लाइसेंस जारी नहीं किया गया है। डीएम इसकी स्वीकृति देते हैं। उत्पादन के लिए निदेशालय से स्वीकृति लेनी होती है। लाइसेंस न होने के बावजूद जनपद में लोग बायोडीजल पंप संचालित कर रहे हैं। जिला पूर्ति विभाग इन पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।
वर्तमान में जलालाबाद में तीन, कलान में पांच, तिलहर में छह पंप संचालित किए जा रहे हैं। इसके अलावा पुवायां, सिंधौली और निगोही में भी पंप संचालित हैं। कई स्थानों पर ये पंप दिन में बंद रहते हैं और रात में चोरी-छुपे चलाए जाते हैं। अगर शासन ने इन पर रोक लगा दी है तो इनकी मशीन भी हटवा देनी चाहिए, लेकिन अधिकतर स्थानों पर मशीन लगी हुईं हैं।
मई में नौ बायो डीजल पंप किए गए थे सील
मई 2024 में प्रशासन को गोपनीय रूप से शिकायत मिली थी कि जिले में नौ बायोडीजल पंप मानक के विपरीत चल रहे हैं। इसी आधार पर डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह के निर्देश पर एसडीएम और तहसीलदारों, सप्लाई विभाग, खाद्य सुरक्षा विभाग बांट-माप विभाग के सदस्यों को शामिल कर नौ टीमों का गठन सभी पंपों काे सील कर दिया गया था। इनमें बंडा नभीची रोड पर गांव देवकली में, सिंधौली में बिलिंदपुर रोड पर, पुवायां के कोटावारी गांव में, बंडा-पुवायां मार्ग पर गांव दलेलपुर में, निगोही के ढकिया तिवारी गांव में और जलालाबाद में गांव जौराभूड़ गांव में, तिलहर में गांव राजनपुर द्वितीय में, सिंधौली के ताहरपुर में अवैध रूप से संचालित बायोडीजल पंपों को सील किया गया था। इनके संचालकों के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इसके बाद भी जिले में बायोडीजल पंप संचालित हैं।
मिलावट करके बनाया जाता है बायोडीजल, अधिक होता है मुनाफा
बायोडीजल बनाने में जेट्रोफा समेत अन्य केमिकल का इस्तेमाल किया जाता है। एक टैंकर असली डीजल में दो टैंकर डीजल तैयार कर लिया जाता है। यह वाहनों को नुकसान तो पहुंचता है, इसके साथ ही डीजल से चलने वाले कृषि उपकरण खराब हो जाते हैं। जेट्रोफा काफी जहरीला होता है। इसकी वजह से इसकी खेती पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। बायोडीजल पंप संचालक डीजल के भाव में बायोडीजल की बिक्री करते है। कई स्थानों पर डीजल के साथ ही पेट्रोल भी बेचा जा रहा है।
नौ बायोडीजल पंप के खिलाफ पूर्व में कार्रवाई की गई थी। अगर कहीं भी पंप संचालित हो रहा है तो बंद कराने के साथ ही प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
-धर्मेंद्र प्रताप सिंह, डीएम
जिले में कहीं भी बायोडीजल पंपों का संचालन नहीं हो रहा है। इन पर प्रतिबंध लगा हुआ है। अगर कहीं संचालन होते हुए पाया जाता है तो संचालक के विरुद्ध कार्रवाई की जाती है।
- चमन शर्मा, डीएसओ