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Shahjahanpur News: गर्रा पुल पर सेंसर लगाकर दिल्ली लौटी आईआईटी की टीम

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रोजा। लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर हरदोई बाइपास और बरेली मोड़ के बीच गर्रा नदी के नए पुल की लोड टेस्टिंग को ताइवानी सेंसर लगाने का काम शुक्रवार को पूरा हो गया। आईआईटी के विशेषज्ञों और इंजीनियरों की टीम दिल्ली लौट गई। अब दो दिन तक अवकाश रहने के बाद सोमवार से पुल पर धीरे-धीरे वजन बढ़ाकर उसकी भार वहन क्षमता जांचने का काम शुरू होगा।
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बता दें कि एनएचएआई ने पुल का निर्माण जगदीश शरण कंस्ट्रक्शन कंपनी से कराया है। पांच वर्ष में बनकर तैयार हुए इस पुल की एक बार पहले भी लोड टेस्टिंग की जा चुकी है। जांच के नतीजे संतोषजनक नहीं मिलने पर एनएचएआई ने सटीक आंकड़े देने वाले ताइवानी सेंसरों से दोबारा लोड टेस्टिंग करने का निर्णय किया है। पहले हुई जांच में पुल पर 170 टन भार डाला चुका है, लेकिन इस बार 400 टन वजन डालकर पुल की मजबूती परखी जाएगी।
इसके लिए पुल के विभिन्न हिस्सों में कुल 10 सेंसर लगाए गए हैं। सेंसर लगातार सात दिन तक 24 घंटे सक्रिय रहकर जरूरी आंकड़े दिल्ली आईआईटी भेजेंगे। यह सेंसर पुल के सभी स्पैन के अलावा पुल के नीचे बीचोंबीच बने पोर्टल व पाइल कैप पर भी लगाए हैं, जो कि पुल के मुख्य आधार का अहम हिस्सा बताए गए हैं। सेंसर चालू रखने के लिए उन्हें पुल के पास लगाए गए सोलर पैनल से जोड़ा जा चुका है।
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पुल पर लगाई गई मशीन और सेंसर 48 घंटे तक पुल की सारी स्थिति आईआईटी, दिल्ली को भेजेंगे। सोमवार को आईआईटी के विशेषज्ञों से निर्देश लेने के बाद ही पुल पर धीरे धीरे वजन बढ़ाया जाएगा। इसके लिए पांच ट्रकों में मिट्टी की बोरियां और पत्थर भरकर 400 टन वजन डालने की तैयारी की गई है। सात दिन के बाद संस्तुति सहित रिपोर्ट मिलने के 24 घंटे बाद पुल खोल दिया जाएगा।
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-विवेक दुबे, परियोजना प्रबंधक, एनएचएआई
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