कांट-जलालाबाद रोड पर जिगनेरा के पास कार्यशाला में प्रशिक्षण देते प्राचार्य डॉ.राजेश कुमार। स्र
शाहजहांपुर। नवजात के जन्म के समय सांस न आने पर कृत्रिम सांस देने के लिए बाल रोग विशेषज्ञ समेत अन्य स्टाफ के लिए एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें डॉक्टरों व स्टाफ को कृत्रिम सांस देने का प्रशिक्षण दिया गया।
भारतीय बाल अकादमी की ओर से आयोजित कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने प्रशिक्षणार्थियाें को बताया कि नवजात में जन्म के समय सांस न आने पर कृत्रिम सांस देकर श्वास क्रिया को शुरू किया जा सकता है। उन्होंने बच्चे की डमी को कृत्रिम सांस देने का तरीका भी बताया।
बताया कि नवजात की जान बचाने व जन्म के समय स्वतः सांस न आने पर दिमाग में आने वाली कमी (बर्थ एसफिक्सिया) से बचाने में मदद मिलेगी। कृत्रिम सांस देकर शिशु मृत्युदर को कम कर सकते हैं। कार्यशाला में बुलंदशहर मेडिकल कॉलेज से डॉ. ब्रजेंद्र सिंह, रुहेलखंड मेडिकल कॉलेज से डॉ. प्रीति लता राय, डॉ. अखिलेश कुमार, डॉ. सत्येंद्र कुमार, डॉ. ऋतुराज शास्त्री समेत 41 बाल रोग विशेषज्ञों, रेजीडेंट डॉक्टरों आदि ने भाग लिया। अंत में प्रधानाचार्य व चिकित्सा अधीक्षक डॉ.एमपी गंगवार ने प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र बांटे।