शाहजहांपुर। दहेज के लिए हत्या में दोषी पति को अदालत ने दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। सास और ससुर को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया गया।
मदनापुर के गांव हैदलपुर निवासी धनवीर सिंह ने तिलहर थाने में तहरीर देकर बताया कि उसने अपनी बहन कोमल की शादी दो वर्ष पूर्व राहुल निवासी गांव खिरियामाल से की थी। उसके पति, जेठ, सास, ससुर बाइक और दो लाख रुपये मांगते थे। आए दिन कोमल के साथ मारपीट करते थे।
तीन सितंबर 2020 को कोमल की मां के फोन पर कॉल आई कि ससुराल के लोगों ने उसे बुरी तरह से पीटा है, जिससे वह बेहोश हो गई है। मायके के लोग खिरियामाल गांव गए, जहां से कोमल को लेकर एक डॉक्टर के पास गए। वहां से कोमल को लेकर बरेली के एक निजी अस्पताल गए। यहां पर सात महीने की गर्भवती कोमल को डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। बच्चे की भी मौत हो गई थी।
पुलिस ने पति राहुल, ससुर, सास और जेठ के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। पुलिस ने विवेचना के बाद पति राहुल, ससुर धीरपाल और सास रामवती उर्फ अंगूरा देवी के खिलाफ आरोपपत्र अदालत भेजा। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान अपर सत्र न्यायाधीश आशीष वर्मा ने धीरपाल और अंगूरा देवी को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। दोषसिद्ध राहुल को दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई।