शाहजहांपुर। पत्नी को दहेज के लिए उत्पीड़ित करने और आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में दोषी पति को अदालत ने चार वर्ष के साधारण कारावास की सजा से दंडित किया है।
तिलहर थाना क्षेत्र के गांव गोबरसंडा के रहने वाले रामदास गुप्ता ने 29 जून 2021 को रोजा थाने में तहरीर दी। उन्होंने बताया था कि उन्होंने अपनी बेटी विमला की शादी 18 मई 2020 को रोजा के रहने वाले टिंकू से की थी। शादी के बाद से टिंकू ने पत्नी विमला को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। दहेज में बाइक व एक लाख रुपये की मांग करने लगा।
मांग पूरी न करने पर विमला को कई बार पीटा। तब उन्होंने महिला थाने में शिकायत भी की। बाद में समझौता होने पर उन्होंने बेटी को ससुराल भेज दिया। इसके बाद फिर से वे लोग बेटी से मारपीट करने लगे। दहेज की मांग पूरी न होने पर 29 जून 2021 को टिंकू ने अपने परिजनों के साथ मिलकर विमला को जान से मार दिया। दिखावे के तौर पर फंदे से लटका दिया।
पुलिस ने दहेज के लिए हत्या की धारा में प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना की। पोस्टमॉर्टम में मृत्यु का कारण हैंगिंग से सांस रुकना आया। पुलिस ने विवेचना के बाद टिंकू उर्फ शिवपूजन के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने, दहेज उत्पीड़न आदि धाराओं में आरोपपत्र अदालत भेजा। अन्य आरोपियों की नामजदगी गलत पाई गई। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात और साक्ष्यों के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश आशीष वर्मा ने टिंकू उर्फ शिवपूजन को चार वर्ष के साधारण कारावास की सजा से दंडित किया।