बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से नष्ट हुई फसलों के मुआवजे की मांग को लेकर बुधवार से ब्लाक मुख्यालय पर चल रही किसानों की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल बृहस्पतिवार को भी जारी रही। भूख हड़ताल समाप्त करवाने के लिए आए प्रभारी तहसीलदार के आश्वासन को किसानों ने एसडीएम के आने तक मानने से इंकार कर दिया।
दो दिन से चल रही किसानों की भूख हड़ताल समाप्त करवाने आए प्रभारी तहसीलदार ज्ञानेंद्र कुमार यादव ने कहा कि शासन से धन मिलते ही सबसे पहले मिर्जापुर क्षेत्र के किसानों को मुआवजे की चेक वितरण करवा दी जाएगी। तहसीलदार के आश्वासन को नामंजूर करते हुए भूख हड़ताल कर रहे धीरेंद्र प्रताप सिंह, सुनील यादव, राजू कश्यप, महावीर कुशवाहा, ओमवीर राठौर ने कहा कि यह आश्वासन यहां आकर डीएम को देना चाहिए। यदि वह नहीं आ सकतीं हैं, तो एसडीएम से नीचे स्तर के किसी अधिकारी का आश्वासन उन्हें मंजूर नहीं है।
किसानों के समर्थन में आईं भाकियू जिलाध्यक्ष तारा यादव ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि अन्नदाता किसानों को भूख हड़ताल करने के बजाय सुविधा भोगी अधिकारियों को यहां धूप और गर्मी में भूखा प्यासा बैठाना चाहिए। सपा नेता केपी सिंह यादव व देवेंद्र कुमार यादव ने भी अनशनकारियों को समझाते हुए अनशन समाप्त करने की अपील की। किंतु अनशनकारी एसडीएम के आने तक भूख हड़ताल पर कायम रहने पर अड़े रहे।
किसानों ने लगाया धन उगाही का आरोप
अनशनकारियों ने तहसीलदार को दिये ज्ञापन में आरोप लगाया है कि क्षेत्रीय लेखपाल की शह पर ग्राम बहरिया और नूरपुर के दो ग्रामीण किसानों से चेक वितरण करवाने के बदले धन उगाही कर रहे हैं। तहसीलदार ने जांच करवाकर संबंधित लेखपाल के विरुद्ध कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
एक अनशनकारी की हालत बिगड़ी
प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. मोहम्मद आशिफ ने अनशनकारियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। डा. आशिफ ने अनशनकारियों का स्वास्थ्य सामान्य बताया, जबकि एक अनशनकारी सुनील यादव का शाम को स्वास्थ्य बिगड़ जाने से बेहाशी छाई थी।
तहसील के किसानों के मुआवजे लिए 36 करोड़ रुपये की डिमांड शासन को भेजी गई थी। 11 करोड़ 87 लाख मिले हैं, जो 228 गांवों के किसानों में बांट दिये गये हैं। शेष 220 गांवों के किसानों के लिए अभी तक शासन से धनराशि प्राप्त नहीं हुई है। शासन से धन मिलते ही शेष किसानों को मुआवजा की चेक वितरण करवा दी जाएंगी।
- ज्ञानेंद्र कुमार यादव, प्रभारी तहसीलदार जलालाबाद