मीरानपुर कटरा। फीलनगर गांव के पास मंगलवार को रात शारदा नहर की मुख्य शाखा की पटरी कट जाने से आसपास के खेतों में बोई गई सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई। हालांकि, सूचना पाकर नहर विभाग के जेई अजय कुमार ने बुधवार को सुबह मौका मुआयना करने के बाद जेसीबी मशीनों से नहर की क्षतिग्रस्त पटरी को ठीक कराया।
ग्रामीणों को नहर कटने का एहसास बुधवार को सुबह करीब चार बजे उस वक्त हुआ, जब वे जानवरों के बाड़े की सफाई और उनको चारा देने के लिए घरों से बाहर निकलकर आए। तब तक नहर का पानी खेतों से होते हुए गांव के पूर्व दिशा में स्थित मंदिर परिसर में भर चुका था। बाद में किसान अपने खेतों पर पहुंचे, तो उन्हें नहर के किनारे गेहूं, सरसों, आलू आदि फसलों के खेत पानी से डूबे मिले।
ग्रामीणों की सूचना पर पहुंचे नहर विभाग के जेई समेत मेट छेदालाल कश्यप ने दो जेसीबी मशीनों को लगाकर शारदा नहर पटरी के कटे हुए हिस्से में मिट्टी का भराव कराकर ठीक कराया। फीलनगर के पूर्व प्रधान इरशाद अहमद ने डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह से नहर में डूबकर नष्ट होने वाली सैकड़ों बीघा फसलों का किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग की है। नहर विभाग के जेई ने बताया कि जहां पर नहर की पटरी कट गई थी, उस हिस्से को काफी मजबूती दी गई है।
जलालाबाद में भी कटी नहर पटरी, आलू-गेहूं की फसल डूबी
जलालाबाद। क्षेत्र के गांव नयागांव गुलड़िया के पास बुधवार दिन में करीब एक बजे नहर पटरी कट जाने से दर्जनों किसानों के गेहूं और आलू के खेतों में पानी भर गया। ग्रामीणों ने मिलकर कटे स्थान पर मिट्टी आदि लगाकर पानी को रोका। अन्य स्थान से पटरी कट जाने की आशंका से किसान परेशान हैं।
नहर पटरी कटने की जानकारी होने पर जब तक ग्रामीणों ने उस स्थान पर मिट्टी, लकड़ी व बोरियां आदि डालकर उसे दुरुस्त किया तब तक नयागांव गुलड़िया निवासी रामसागर, राम सेवक पंडित, हरिओम, मूलचंद, चक्रपाल यादव, रामदास, आदेश पाल, संतराम, शाहिद आदि किसानों की आलू व गेहूं की फसलें जलमग्न हो गईं। संवाद
नहर पटरी कटने की जानकारी नहीं मिली है। विभागीय अधिकारियों से इस संबंध में बात की जाएगी। जानकारी कर प्रभावी कदम उठाए जाएंगे ताकि ग्रामीणों को फिर से दिक्कत न उठानी पड़े।
- अनुराग दुबे, प्रभारी तहसीलदार