गांव गुधनी निवासी छोटेलाल ने मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष को पत्र भेजकर पुवायां पुलिस पर सही धाराओं में रिपोर्ट दर्ज नहीं करने की शिकायत की है। उनका आरोप है कि घायल होने के बाद भी उसे ही हवालात में डाल दिया गया था। उसने जांच कराए जाने की मांग की है।
छोटेलाल ने बताया कि 23 अप्रैल को गांव के ही कुछ लोग उसके घर घुस आए और गाली गलौज करने लगे। विरोध करने पर लाठी से पीटकर गंभीर घायल कर दिया। बचाने आए पुत्र राकेश और नीरज को भी पीटा गया। वह रात में ही थाने पहुंचा और पुलिस को तहरीर दी तो पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। पुलिस ने उसे पट्टे से पीटा और गाली गलौज करते हुए 20 हजार रुपये की मांग की। असमर्थता जताने पर उसे हवालात में डाल दिया गया और अगले दिन शांतिभंग की आशंका के तहत चालान कर दिया गया। बचाव के लिए पुलिस ने उसकी ओर से मात्र एनसीआर दर्ज की। काफी खुशामद के बाद लड़कों का मेडिकल कराया गया। पीड़ित ने सही धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराने और आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने छोटेलाल के आरोपों को गलत बताया है।