शाहजहांपुर/परौर। 23 मार्च को बकरी चराने के दौरान लापता हुए आठ वर्ष के ऋतिक का कंकाल मिलने के बाद पुलिस डीएनए टेस्ट कराएगी। सैंपल को मुरादाबाद स्थित फॉरेंसिक लैब में भेजने की तैयारी है। वहीं, हत्याकांड की कड़ी को जोड़ने में पुलिस नाकाम साबित हो रही है।
आठ वर्षीय रितिक की 26 फरवरी को मकान से कुछ दूरी पर शर्ट मिलने के बाद पुलिस हरकत में आई थी। गांव व आसपास के दो किलोमीटर के दायरे में कांबिंग की थी। पुलिस की टीमों के साथ ही एसओजी ने डेरा डाला, लेकिन ग्रामीण इलाकों में बालक को तलाश नहीं कर पाई। 15 दिन के बाद लापता बच्चे का गेहूं के खेत में कंकाल मिल गया। उसकी हत्या कर शव को डाला गया है। अभी तक पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है।
पुलिस ने खेत स्वामियों, बटाईदारों व अन्य लोगों से पूछताछ की है। परिजन किसी से रंजिश होने का इन्कार कर रहे हैं। ऐसे में केस उलझ गया है। बालक की हत्या के मामले में पुलिस के हाथ अभी तक खाली हैं। दूसरी ओर पुलिस ने घटनास्थल से मिले साक्ष्यों का माता-पिता से मिलान कर डीएनए टेस्ट कराया जाएगा। जांच के लिए सैंपल को मुरादाबाद लैब भेजा जाएगा। जिस खेत में कंकाल मिला है, पुलिस ने वहां गेहूं को कंबाइन के बजाय मजदूरों से कटवाने की मांग की है।
सीओ अमित चौरसिया ने बताया कि बालक का डीएनए टेस्ट कराया जाएगा। जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा।