गर्मी भले ही अभी चरम पर नहीं पहुंची हो, मगर गर्म हवा के थपेड़े जनजीवन को झुलसाने लगे हैं। अगले दो दिन में बूंदाबांदी के संकेत भी मिल रहे हैं, लेकिन थर्मामीटर का पारा तात्कालिक तौर पर मामूली रुप से लुढ़कने के बाद तेजी से चढ़ेगा। मतलब साफ कि आने वाले दिनों में भीषण गर्मी पड़ने के संकेत हैं।
अभी गनीमत है कि लू चलनी शुरू नहीं हुई। उत्तराखंड की पहाड़ियों पर बारिश के चलते तराई से जुड़े इस जिले तक ठंडी हवाएं दस्तक देती हैं। बृहस्पतिवार देर रात से चली हवा में नमी से दिन भर गर्मी से बेहाल रहे लोगों को काफी राहत मिली। रात में नींद भी सुकून की मिली। भोर होने तक ठंडी हवा के झोंके राहत देते रहे लेकिन जैसे-जैसे सूरज आसमान पर चढ़ा, आग का गोला बनकर तपिश बढ़ाने लगा।
अप्रैल के तीसरे सप्ताह में इतनी गर्मी पड़ रही है कि दोपहर 12 से दो बजे के बीच तापमान 40 डिग्री सेल्सियस पार कर रहा है। इस कारण स्कूलों में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति घटने लगी है और दफ्तरों में भी नियमित कामकाज के बीच गर्मी का कहर चर्चा का विषय बनने लगा है। गन्ना शोध परिषद के मौसम अनुभाग से जुड़े अधिकारियों के अनुसार अभी तो गर्मी की शुरुआत हुई है, मई के पहले सप्ताह तक तापमान 42 से 45 डिग्री तक पहुंच जाएगा।
परिषद के मौसम विश्लेषक सुरेंद्र सिंह यादव के अनुसार शुक्रवार सुबह बैरोमीटर के सूचकांक में कई अंक की गिरावट पाई गई। इससे संकेत मिला कि अगले 48 घंटों में पानी के छींटे गिर सकते हैं और गर्मी से तात्कालिक राहत मिलेगी, लेकिन मई के प्रथम सप्ताह से तापमान तेजी से बढ़ना तय है। उन्होंने बताया कि मामूली बूंदाबांदी होने की दशा में फसलोें को कोई क्षति नहीं होगी, लेकिन पानी अधिक गिरा तो खेतों में कटने से शेष रह गई गेहूं को नुकसान हो सकता है।
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390 एंपीयर बढ़ गया शहर का बिजली लोड
गर्मी में पंखों समेत फ्रिज, कूलर, एसी आदि में बिजली खपत बढ़ने के साथ शहर का बिजली लोड भी एक पखवाड़े में 390 एंपीयर बढ़ गया है।
पॉवर कारपोरेशन के एक्सईएन सिटी विवेक कुमार पटेल के अनुसार 15 दिन पहले तक रात में सर्दी का असर बरकरार रहने से शहर में बिजली खपत 550 एंपीयर तक सीमित थी, जो कि अब बढ़कर 940 एंपीयर हो गई है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में तापमान बढ़ने पर बिजली नेटवर्क पर पॉवर लोड भी बढ़ेगा।