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Shahjahanpur News: उद्योगों की रफ्तार बढ़ाने के लिए दुश्वारियों से राहत और पैकेज की आस

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विनीता मिश्रा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मरेना।
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शाहजहांपुर। जमीन, अनुदान व कई तरह की एनओसी के लिए दफ्तरों के चक्कर लगाने वाले उद्यमियों को प्रदेश सरकार के पेश होने वाले बजट से काफी उम्मीदें हैं। उन्हें आशा है कि केंद्र सरकार की तरह प्रदेशस्तर से भी उद्योगों के लिए बड़े पैकेज की घोषणा हो सकती हैं, जिससे उन्हें राहत मिलने के साथ ही उद्योगों की रफ्तार बढ़ सकेगी। उद्यमी आशा भरी निगाहों से सरकार की ओर देख रहे हैं।
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वर्ष 2025-26 में 13103 छोटी-बड़ी इकाइयों की स्थापना की गई। इसके तहत 362.10 लाख का निवेश करते हुए 92976 लोगों को रोजगार देने का दावा है। सभी इकाइयां उद्योग केंद्र के पोर्टल पर पंजीकृत हैं। उद्यमी इकाई लगाने का मन बना लेते हैं, लेकिन आवेदन के बाद आने वाली दुश्वारियों से उन्हें जूझना पड़ता है।
भूमि, एनओसी, बैंक ऋण के लिए उन्हें भटकना पड़ता है। ऐसे में उद्यमियों के हौसले पस्त हो जाते हैं। प्रदेश सरकार के आने वाले बजट से उन्हें कुछ राहत मिलने की उम्मीद हैं। उद्यमियों के अनुसार, केंद्र सरकार ने बजट में एमएसएमई के लिए प्रावधान किया है। संभावना है कि प्रदेश से भी खजाने का मुंह उद्यमियों के लिए खोल दिया जाएगा।
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व्यापारियों के अनुसार, उद्योगों को लगाने के लिए जमीन की उपलब्धता पर फोकस के साथ ही बिजली के बिल में राहत, अनुदान में बढ़ोतरी, एकल खिड़की की स्थापना और एमएसएमई के लिए बैंकों के अलावा अलग से ऋण देने की घोषणा हो सकती है। इससे उद्योगाें को पंख लगने के साथ ही उद्यमियों को राहत मिल सकती हैं।





इन्वेस्टर्स समिट के लिए तैयार, पर भूमि बन रही बाधक

वर्ष 2023 में हुई इंवेस्टर्स समिट में आवेदन करने वाले अधिकतर लोगों ने जमीन नहीं मिलने के कारण अपने हाथ पीछे खींच लिए थे। इसके बाद निजी औद्योगिक पार्क बनाने के प्रयास शुरू किए। जलालाबाद में औद्योगिक गलियारा बन गया। जमौर में निजी औद्योगिक पार्क का कार्य करीब एक साल से फंसा पड़ा है। ऐसे में जमीन उद्योगों की राह में बाधक बन रही है। संभावना है कि प्रदेश सरकार इस दिशा में कोई सकरात्मक कदम उठाकर राहत देगी।





1600 करोड़ के प्रोजेक्ट लगाने के लिए आए आवेदन



आने वाले महीनों में प्रस्तावित ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के लिए जिले में 1600 करोड़ रुपये के नए उद्योग लगाने को आवेदन हुए हैं, जिसमें 350 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट फाइनल कर दिए गए हैं। इन इकाइयों के लगने पर करीब 10 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा।


सरकार की ओर से उद्यमियों को जमीन उपलब्ध करा दी जाए तो काफी राहत मिल जाएगी। बिजली के रेट को लेकर भी उद्यमी हित में कदम उठाया जाए।



-गुरजीत सिंह मोंगा, मंडलीय चेयरमैन-आईआईए





वित्तीय वर्ष में योजनाओं का लाभ लेने वालों को अनुदान की धनराशि का बजट जारी होने की संभावना है। एमएसएमई के लिए बैंकों के बजाय अलग से ऋण का इंतजाम हो।

-अशोक अग्रवाल, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष-आईआईए







उद्योगों को बढ़ावा मिलने की संभावना है। ईंट भट्ठा उद्योगों की स्थिति खराब है। उसके लिए कुछ हितकारी होने की संभावना है। भट्ठा उद्योगों के साथ समान व्यवहार नहीं हो रहा है।

- शुभम खन्ना, उद्यमी




मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार 2025-26



सारांश संख्या मार्जिन मनी लाख में

वार्षिक लक्ष्य 167 323.25



कुल पास आवेदन 391 1228.15

बैंक को भेजे 333 937.96



बैंक से स्वीकृत 100 308.09

बैंक से वितरित 91 280.24





मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान



सारांश संख्या मार्जिन मनी लाख में

वार्षिक लक्ष्य 1700
कुल प्राप्त आवेदन 6460 3093.33

बैंक को भेजे 5851 2809

बैंक से स्वीकृत 1470 584.12
बैंक से वितरित 1368 540.44


विधायकों ने कहा....
राजकीय डिग्री कॉलेज का प्रस्ताव दिया था। उस पर सहमति बन गई है। कांट में बस अड्डे के सुंदरीकरण का प्रस्ताव भी दिया है। क्षेत्र के विकास के लिए हमेशा ही प्रयासरत हैं।
- अरविंद सिंह, विधायक ददरौल


निगोही-पुवायां रोड पर आरा मशीन वाला मार्ग को दुरुस्त कराने के लिए गन्ना विभाग के जरिये प्रस्ताव दिया है। इसके अलावा महिला डिग्री कॉलेज की मांग भी की गई है।
-सलोना कुशवाहा, विधायक तिलहर

बजट जनहितैषी होगा। बजट से पहले कोई मांग नहीं रखी जाती है। बजट प्रस्तुत होने के बाद बोलने का अवसर मिलने पर क्षेत्र की समस्याओं को प्रमुखता से रखा जाएगा।
- चेतराम, विधायक पुवायां
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सिमटता जा रहा जरी-जरदोजी का लक्ष्य, पंख लगने की उम्मीद
शाहजहांपुर। एक जिला-एक उत्पाद में शामिल जरी-जरदोजी का लक्ष्य सिमटता जा रहा है। सरकारी मदद नहीं मिलने के कारण कारीगराें ने धंधा ही बदल दिया है। प्रदेश सरकार के बजट में जरी-जरदोजी पर ध्यान दिए जाने की उम्मीद हैं, जिससे लोगाें को फिर से कार्य मिल सके।
कुछ वर्ष पहले जरी-जरदोजी का कार्य बड़े पैमाने पर होता था। पुरुषों के साथ महिलाएं भी जुड़ीं थीं। यहां के बने लहंगे, साड़ी विदेश तक पसंद किए जाते थे, लेकिन धीरे-धीरे कार्य सिमटता चला गया। आमदनी का जरिया जरी-जरदोजी का कार्य बंद होने से लोगों ने कारखाने बंद कर दिए और कुशल कारीगर बेरोजगार हो गए।
काम को धार देने के लिए सरकार ने जरी-जरदोजी को ओडीओपी में शामिल किया, लेकिन लोगों को लाभ नहीं मिल पाता है। वर्ष 2025-26 का वार्षिक लक्ष्य 25 था। कारीगरों के अनुसार, बैंकें ऋण देने को तैयार नहीं होती हैं। इसके चलते लाभ नहीं मिल पा रहा है। संवाद
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पहले की तरह अब जरी-जरदोजी का कार्य नहीं होता है। अब गिने-चुने कारीगर रह गए हैं। सरकार को जरी-जरदोजी की तरफ ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है।
- मोहम्मद शान खां, ताल गांव निगोही

जरी-जरदोजी के तैयार किए गए लहंगे विदेशों तक में पसंद किए जाते थे। बिचौलियों के कारण कारोबार चौपट हो गया। सरकार ध्यान दें तो फिर से दिन बहुर सकेंगे।
- जुम्मी, तालगांव, निगोही

ओडीओपी
सारांश संख्या मार्जिन मनी लाख में
लक्ष्य 25 75
कुल आवेदन 112 277.23
बैंक को भेजे 93 212.03
बैंक से स्वीकृत 26 70.15
बैंक से वितरित 24 68.17

विनीता मिश्रा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मरेना।

विनीता मिश्रा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मरेना।

विनीता मिश्रा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मरेना।

विनीता मिश्रा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मरेना।

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विनीता मिश्रा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मरेना।

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विनीता मिश्रा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मरेना।

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