सिंधौली में मुस्लिमों से होली मिलते ग्राम प्रधान अनिल गुप्ता। संवाद
शाहजहांपुर/ सिंधौली। सिंधौली का भटपुरा रसूलपुर ऐसा गांव है, जहां होली खत्म होने के बाद पहला होली मिलन समारोह मस्जिद के बाहर शेखों की चौपाल पर होता है। वर्षों से इसकी व्यवस्था मुस्लिम समुदाय के लोग ही करते आ रहे हैं। इसमें शिरकत करने के बाद ही लोग एक-दूसरे के घर होली मिलने जाते हैं।
भटपुरा रसूलपुर मिश्रित आबादी वाला गांव है। यहां 60 प्रतिशत मुस्लिम और 40 प्रतिशत हिंदू आबादी है। दोनों समुदाय के लोग मिलजुल कर एक दूसरे के त्योहारों में शरीक होते हें। गांव में होली मिलन कार्यक्रम बिल्कुल अलग अंदाज में होता है। आखत डालने के बाद दोपहर करीब चार बजे मस्जिद के बाहर शेखों की चौपाल पर होली मिलन समारोह का आयोजन किया जाता है। सारी व्यवस्था मुस्लिम वर्ग के लोग करते हैं। टेंट लगाकर नाश्ते और फूलों से स्वागत करने तक का इंतजाम होता है। रंग खेलने के बाद गांव के सभी लोग मुस्लिम समाज के लोगों से होली मिलते हैं। इसके बाद एक-दूसरे के घर होली मिलने जाते हैं।
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वर्षों से चली आ रही है परंपरा
ग्राम प्रधान अनिल गुप्ता के अनुसार, यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है। रंग खत्म होने के बाद सबसे पहले मुस्लिम समाज से होली मिलते हैं। बुजुर्ग बताते हैं कि वर्तमान के दूषित होते माहौल में उनका गांव एकजुटता का संदेश देता है।
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शांति से रहते हैं दोनों वर्ग के लोग
-कांग्रेस के जिलाध्यक्ष रजनीश गुप्ता भी भटपुरा रसूलपुर के रहने वाले हैं। रजनीश बताते हैं कि उनके गांव में हमेशा ही शांति के साथ दोनों वर्गों के लोग रहते हैं। वह खुद त्योहार पर होली मिलन में शामिल होने अवश्य जाते हैं।