जलालाबाद। जिगनेरा गांव में सोमवार की शाम छुट्टा पशु पकड़े जाने की जानकारी पाकर पहुंचे भारतीय बजरंग दल के कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। बाद में मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत कर मामले की जांच की।
राजस्थान से आए घुमंतू परिवारों के कुछ पुरुष और महिलाएं पिछले चार-पांच दिन से छुट्टा गोवंशीय पशुओं को पकड़ रहे थे। इन लोगों ने क्षेत्र के गांव ढका, उजेरा, गुलड़िया आदि से करीब 200 गाेवंशीय पशु पकड़ने के बाद उन्हें जिगनेरा में इकट्ठा किया। इसकी जानकारी पाकर भारतीय बजरंग दल के प्रांत मंत्री मुनिराज सिंह कार्यकर्ताओं के साथ वहां पहुंचे और पशुओं को पकड़ने का कारण पूछकर विरोध जताया।
उनका कहना था कि पकड़े गए पशु बाद में बिक्री कर दिए जाएंगे। पशु पकड़ने वालों ने तर्क दिया कि वे अपने पालतू पशुओं के साथ पकड़े गए पशु भी अपने साथ रखकर उनके दूध की बिक्री करेंगे। यह भी बताया कि जो पशु दूध नहीं देते, उन्हें जंगल में छोड़ देते हैं।
चूंकि, पशु पकड़े जाने से ग्रामीण भी सहमत थे। इसलिए हिंदूवादी नेता से ग्रामीण झगड़ा करने पर आमादा हो गए। बजरंग दल के प्रांत मंत्री से विवाद की सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। एसडीएम प्रभात राय ने बताया कि गांव जिगनेरा में 147 गोवंश मिले और उन सभी को बझेड़ा तथा चौकी आजमपुर की गोशालाओं में भेजा जा रहा है। प्रभारी निरीक्षक राजीव तोमर ने बताया कि एसडीएम के निर्देश पर सभी गोवंशीय पशुओं को गोशाला भेजकर पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। संवाद