शाहजहांपुर। हिंदी दिवस रविवार को मनाया जाएगा। सोशल मीडिया के दौर और अंग्रेजी के हावी होने के बावजूद हिंदी का दायरा लगातार बढ़ रहा है। इसे पढ़ने, बोलने वालों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। शहर में कई ऐसे लोग हैं, जिन्हें हिंदी ने पहचान दिलाई, साथ ही पुरस्कार भी जीते हैं।
तीन राज्यों में पढ़ी जाएगी साजिद की लेटर बॉक्स ने पढ़ी चिट्ठियां
जीएफ कॉलेज के प्रोफेसर डॉ.साजिद ने एनसीईआरटी की कक्षा चार की पुस्तक वीणा की स्क्रिप्ट का लेखन किया है। बताते हैं कि पुस्तक के जल्द ही वीडियो आने वाले हैं। हर रचना के साथ बार कोड होगा। उसे स्कैन कर वीडियो खुल जाएगा। इसके अलावा नेशनल बुक ट्रस्ट ने उनकी कहानी लेटर बॉक्स ने पढ़ी चिट्ठियां की पांचवीं आवृत्ति छापी है। इसे मध्य प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान राज्याें ने अपने बच्चों के लिए खरीदा है। सचित्र पुस्तक 12 से 14 आयु वर्ग के लिए है।
हिंदी में बाल कृतियाें ने दिलाई पहचान, मिला पुरस्कार
जीएफ कॉलेज में कार्यरत बाल साहित्यकार डॉ.अरशद खान को उनके हिंदी के प्रति कार्यों को देखते हुए उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान ने अमृत लाल नागर बाल कथा सम्मान से नवाजा है। उनकी कई बाल कृतियाें को देखते हुए सम्मान मिला था। डॉ.अरशद बताते हैं कि हिंदी को उसका सम्मान मिलना चाहिए। हिंदी बोलने में शर्म नहीं महसूस होना चाहिए। अपनी मातृ भाषा को लेकर गर्व होना चाहिए।
हिंदी को बढ़ावा को दे रहे डॉक्टर फैयाज
जीएफ कॉलेज के हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ.फैयाज अहमद की चार पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। वह हिंदी को बढ़ावा देने का प्रयास कर रहे हैं। उनके निर्देशन में पांच विद्यार्थियों ने हिंदी में पीएचडी पूर्ण कर ली है, जबकि तीन की पीएचडी का कार्य चल रहा है। वह कहते हैं कि हिंदी का उपयोग अधिक होना चाहिए है। हिंदी को बोलने में शर्म नहीं करना चाहिए। लोगों के अंग्रेजी को ज्यादा तरजीह देने के बावजूद हिंदी को पसंद करने वालाें की कमी नहीं है।
सोशल मीडिया के चलते किताबें पढ़ने का चलन हुआ कम
आर्य महिला डिग्री कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर रितु मिश्रा हिंदी पढ़ाती हैं। वह भक्तिकाल के कवि बाबा जगजीवन दास के जीवन पर किताब लिख रहीं हैं। वह कहती हैं कि सोशल मीडिया के दौर में किताबें पढ़ने का चलन कम हुआ है। फिर भी हिंदी पढ़ने वाले कम नहीं है। अंग्रेजी को ज्यादा महत्व देने के बजाय हिंदी का अधिक प्रयोग करना चाहिए। वह कक्षा में भी छात्राओं को हिंदी विषय को लेकर जागरूक करती हैं।
डॉ.साजिद- फोटो : mathura
डॉ.साजिद- फोटो : mathura