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88 घंटे बाद खत्म हुआ हाई वोल्टेज ड्रामा, टॉवर से उतरे दोनों ग्रामीण

Wed, 17 Oct 2018 10:54 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,शाहजहांपुर
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अपनी मांगों को मनवाने के लिए रविवार सुबह से टॉवर पर चढ़े कलान के दोनों ग्रामीणों का हाईवोल्टेज ड्रामा 88 घंटे बाद खत्म हो गया। टॉवर से दोनों के पास से खाने का सामान फेंक देने और पेयजल खत्म हो जाने की वजह से दोनों बुधवार रात नौ बजे नीचे उतर आए। दोनों को मेडिकल के लिए अस्पताल भेजा गया है। ग्रामीणों के टॉवर से नीचे उतर आने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली है। 
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कलान निवासी मुन्ना सिंह और रविंद्र आजाद को टॉवर से नीचे उतारने के लिए एसडीएम विजय शर्मा व सीओ शिवशंकर दुबे बुधवार सुबह एक बार फिर पहुंचे लेकिन उन लोगों ने बात नहीं मानी। दोनों अधिकारी मौके से चले गए और शाम तीन बजे मुन्ना के पिता रामपाल और रविंद्र आजाद के पिता नेत्रपाल व अन्य रिश्तेदारों को लेकर टॉवर के नीचे पहुंचे। उन लोगों ने कहा कि सारी मांग पूरी कर दी गई हैं अब वह लोग नीचे उतर आएं लेकिन आजाद ने नीचे उतरने से मना कर दिया। उसने पिता से कहा कि अधिकारी गुमराह कर रहे हैं, यदि नीचे उतरे तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई कर देंगे। उसने कहा कि मुन्ना की जमीन कब्जा मुक्त कराने के साथ ही उसकी नींव भरवाई जाए और कब्जेदारों ने एक साल पहले घर में घुसकर मारपीट की थी उन कब्जेदारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उसकी कॉपी दिखाई जाए, तब वह लोग उतरेंगे। देर शाम तक मानमनौब्बल करके हार चुके प्रशासन ने शाम सात बजे बिजली विभाग के चार कर्मचारियों को बुलाकर उन्हें दो सब इंस्पेक्टर के साथ टॉवर पर चढ़ा दिया, ताकि दोनों को सकुशल नीचे उतारा जा सके लेकिन वह लोग टावर पर और ऊंचाई पर चढ़ गए, अंधेरा होने के कारण उनके उतारने के प्रयास विफल हो गए और बिजली कर्मचारियों को खाली हाथ नीचे उतरना पड़ा। हालांकि बिजली कर्मचारियों ने उनके टॉवर पर चढ़े रहने के लिए 15 दिन के खाने के लिए जुटाए गए सामान को नीचे फेंक दिया और वह प्लेटे भी खोल दी, जिस पर यह लोग बैठ रहे थे। केवल एक प्लेट सबसे ऊंचाई पर रह गई थी, जिस पर यह लोग बैठे थे। रात करीब 8:30 बजे रविंद्र आजाद बात करने के लिए टॉवर से नीचे आया, इसके बाद नौ बजे मुन्ना सिंह भी नीचे आ गया तब जाकर अधिकारियों ने राहत की सांस ली। 

टॉवर पर चढ़े दोनों लोगों की मांगे पूरी कर दी गई हैं, उन्हें उतारने के लिए बिजली कर्मचारियों को टॉवर पर चढ़ाया गया था, लेकिन वह लोग और ऊंचाई पर चढ़ गए। उनका खाने का सामान और चादर आदि नीचे फेंक दिया गया था। इसके बाद वह लोग एक -एक करके रात नौ बजे टॉवर से नीचे आ गए। दोनों को मेडिकल के लिए भेजा गया। 
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विजय शर्मा, एसडीएम  
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