गर्मी ने दस्तक दे दी है। इसी के साथ शहरी पॉवर नेटवर्क पर ओवरलोडिंग से ट्रांसफार्मरों के फुंकने का मौसम भी आ गया, लेकिन कार्यदायी संस्था एनकेजी की ढिलाई से शहर में लाइन मेंटीनेंस और ट्रांसफार्मरों के अपग्रेडेशन का काम पूरा नहीं हो सका। काम की रफ्तार को देखते यही आशंका है कि मई-जून में गर्मी पूरे शबाब पर होने के दौरान शहरी बाशिंदों को बिजली के लिए तरसना पड़ेगा।
पांच सौ ट्रांसफार्मरों पर टिका शहरी नेटवर्क
शहरी क्षेत्र का पॉवर नेटवर्क करीब 100 से 400 केवी क्षमता वाले पांच सौ ट्रांसफार्मरों पर टिका है। इनमें 250 केवी वाले ट्रांसफार्मर सर्वाधिक है और अधिकांश फाल्ट भी उन्हीं में होते हैं। यह ट्रांसफार्मर लगाए जाने के बाद नए कनेक्शनों से बिजली की डिमांड बढ़ी तो ट्रांसफार्मर फुंकने लगे। गर्मियों में बिजली खपत ज्यादा हो जाने पर ट्रांसफार्मरों को बचाए रखने के लिए कार्यदायी संस्था एनकेजी को नई लाइनें बनाने और ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने का काम सौंपा गया जो पूरा नहीं हो पाया।
ओवरलोडिंग से प्रभावित हैं शहर के कई इलाके
शहर के कई इलाके ओवरलोडिंग से ट्रांसफार्मरों और लाइनों में होने वाले फाल्ट से प्रभावित हैं। हथौड़ा, लोधीपुर, अहमदपुर रेती (आंशिक), गोविंदगंज, शहर चर्च कालोनी, डीएम कंपाउंड, बहादुरगंज, लकड़ी मंडी, चमकनी अंटा, ब्रज विहार कालोनी, मशीनरी मार्केट, अब्दुल्ला गंज, ऐमनजई जलालनगर की तराई बस्ती आदि क्षेत्रों में बिजली सप्लाई पर फाल्ट हावी रहते हैं।
150 ट्रांसफार्मर और 160 किमी लाइनों का लक्ष्य
मध्यांचल विद्युत वितरण निगम से हुए करार के तहत एनकेजी को शहर में विभिन्न स्थानों पर चित किए गए ओवरलोडिंग के करीब 150 प्वॉइंटों पर इतने ही अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाने और खुले तारों वाली 160 किमी लाइनें हटाकर उनकी जगह 11 केवी के बंच केबिल डालने का लक्ष्य दिया था। इसके विपरीत 70-75 ट्रंासफार्मर लग पाए और बंच लाइनें भी केवल 125 किमी पड़ पाईं।
मुख्यमंत्री के आने पर तेज हुआ था काम
गत 17 अक्तूबर को चेयरमैन तनवीर खां की शादी में शिरकत के लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का प्रोग्राम मिलते ही एनकेजी के कर्मचारी शहरी क्षेत्र में युद्ध स्तर पर काम कराने में जुट गए। पीली मस्जिद, शहर की आवास विकास कालोनी, लाल इमली चौराहा, ईदगाह रोड आदि की पुरानी लाइनें एक सप्ताह में बदल गईं। बाद में फिर सारे काम सुस्त पड़ गए।
कछुआ चाल से अफसर भी नाराज
बिजली नेटवर्क का समय से अपग्रेडेशन नहीं हो पाने से महकमे के अफसर भी कार्यदायी संस्था से नाराज हैं। राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन अधीक्षण अभियंता को ज्ञापन देकर शिकायत कर चुका है कि एनकेजी मनमाने तरीके से काम करके प्रभावित क्षेत्रों को अनदेखा कर रही है। इस संबंध में एसई और एक्सईएन काम जल्द पूरा कराने को एनकेजी के प्रोजेक्ट मैनेजर को कई बार निर्देश भी दे चुके हैं।
बहादुरगंज में नहीं लग सका पांच एमवीए का ट्रांसफार्मर
‘लाइन नेटवर्क का अधिकांश काम हो चुका है। शहर में 140 किमी बंच लाइनें डाली जा चुकी हैं। तीन पॉवर ट्रांसफार्मर भी लगाए जा चुके हैं। इसी तरह 100 केवी के 60 और 250 केवी के 21 नए ट्रांसफार्मर लगाए जा चुके हैं। बहादुरगंज सब स्टेशन में पांच एमवीए का नया ट्रांसफार्मर भी लगाया जाना है।’
- अनिल मौर्य, प्रोजेक्ट मैनेजर, एनकेजी लिमिटेड