जलालाबाद स्थित कोलाघाट पुल पर टूटे पड़े हाइटगेज के पास से निकलता ट्रक। संवाद
जलालाबाद। कोलाघाट पुल के दोनों छोर पर लगे हाइटगेज टूट जाने से भारी वाहनों का आवागमन बढ़ गया है। क्षतिग्रस्त होने के बाद यह पुल बड़े वाहनों के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया था। इसलिए पुल से भारी वाहन निकलने से कभी भी कोई हादसा हो सकता है।
गत 29 नवंबर 2021 को एक पिलर धंस जाने के बाद कोलाघाट पुल दो हिस्सों में बंट गया था। हालांकि कुछ महीनों में ही करीब सवा छह करोड़ की लागत से नया पिलर बनाकर पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से को दुरुस्त कर दिया गया लेकिन जांच एजेंसियों के इस पुल को आवागमन के लिहाज से खतरनाक बताने के कारण उसे आवागमन के लिए बंद कर दिया गया।
जनता की मांग और विपक्षी पार्टियों के विरोध प्रदर्शन के बाद अगस्त 2024 में बनारस यूनिवर्सिटी की आईआईटी और लखनऊ से पहुंची विशेषज्ञों की टीम ने पुल पर लोडेड ट्रकों को दौड़ाकर तथा कई अन्य तकनीक के जरिये पुल के भार वहन क्षमता की जांच की।
इस पुल को छोटे वाहनों के आवागमन के लिए खोल दिया गया, लेकिन भारी और लोडेड वाहन निकलने पर रोक लगाने के लिए पुल के दोनों तरफ हाइटगेज लगा दिए गए। पिछले कई दिनों से दोनों हाइटगेज टूटे पड़े हैं। हाइटगेज न होने से आवागमन के लिए खतरनाक बताए गए पुल से पहले रात के समय मिट्टी व रेत खनन में लगे डंपर धड़ल्ले से चलते रहे।
अब दिन में भी ट्रक समेत अन्य भारी वाहन भी आने-जाने लगे है। पुल के पास दुकान चलाने वाले लोगों के अनुसार दिल्ली जाने वाली रोडवेज की कई बसें भी पुल से होकर निकल रही हैं। एसडीएम प्रभात राय में बताया कि हाइटगेज लगवाने के लिए लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन से बात की है और वहां हाइटगेज की व्यवस्था जल्द की जाएगी।