शाहजहांपुर। राजकीय मेडिकल कॉलेज में गर्भवती महिला के ऑपरेशन के दौरान पेट में कपड़ा छूटने के मामले की जांच महिला अस्पताल के सीएमएस नहीं करेंगे। उन्होंने डॉक्टर के अपने अधीन न आने का हवाला देते हुए जांच से इनकार कर दिया है। अब प्राचार्य ने जांच स्त्री एवं प्रसूति रोग विभागाध्यक्ष को सौंपी है। वह तीन दिन में जांच कर रिपोर्ट प्राचार्य को देंगी।
प्राचार्य राजेश कुमार ने पेट में कपड़ा छूटने जैसे गंभीर मामले की जांच सोमवार को महिला अस्पताल के कार्यवाहक सीएमएस डॉ. अशोक रस्तोगी को दी थी। सीएमएस ने आरोपी डॉक्टर को स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के अधीन आने की बात कहते हुए जांच से मना कर दिया। पीड़ित ने आठ जुलाई को डीएम से शिकायत करने के साथ ही मेडिकल कॉलेज के जनसुनवाई पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज की थी। दोनों शिकायतें प्राप्त होने के करीब दस दिन बीत जाने पर राजकीय मेडिकल कॉलेज ने कार्रवाई तो दूर की बात जांच कराना भी मुनासिब नहीं समझा था। अब जब मामले ने तूल पकड़ा तो कॉलेज प्रशासन ने जांच के आदेश दिये। जांच अधिकारी बनाए गए महिला सीएमएस अशोक रस्तोगी ने जांच करने से इनकार करते हुए प्रार्थना पत्र प्राचार्य को वापस कर दिया उनसे अपने स्तर से जांच कराने का आग्रह किया है। प्राचार्य ने विभागाध्यक्ष स्त्री एवं प्रसूती रोग को जांच देकर तीन दिन में रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं।
पीड़ित मनोज कुमार ने बताया कि लखनऊ के केजीएमयू के ट्रामा सेंटर में सोमवार को पत्नी की आंत का ऑपरेशन हुआ है। शाहजहांपुर, बरेली और लखनऊ में इलाज के दौरान करीब 12 यूनिट खून पत्नी को चढ़ चुका है। प्रार्थना कर रहे हैं कि पत्नी जल्द से जल्द से स्वस्थ हो जाएं। उसके बाद इस हालत में पहुंचाने वाले आरोपी डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए लिखेंगे।
अब स्त्री एवं प्रसूति रोग विभागाध्यक्ष को जांच दी गई है। तीन दिन में जांच रिपोर्ट मिलेगी उसके बाद रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. राजेश कुमार, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कालेज